Dharm Desk – ज्योतिष में ग्रह गोचर का विशेष महत्व है. गोचर का अर्थ ग्रहों की चाल या एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना होता है. सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु समय-समय पर अपनी स्थिति बदलते है. जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों और देश-दुनिया पर भी देखने को मिलता है. ग्रह केवल राशि ही नहीं, बल्कि नक्षत्र परिवर्तन भी करते है. जिससे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव आते हैं.

इसी क्रम में 11 मई को मंगल ग्रह अपनी ही राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और युद्ध का कारक माना गया है. मंगल लगभग 40 से 45 दिनों तक एक राशि में रहते है. वर्तमान में मंगल मीन राशि में हैं. 11 मई को मेष राशि में प्रवेश करेंगे. चूंकि मेष मंगल की स्वराशि है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव बेहद शक्तिशाली और ऊर्जावान माना जा रहा है.

त्रिग्रही युति बनेगी

इस समय सूर्य और बुध पहले से ही मेष राशि में गोचर कर रहे है. ऐसे में मंगल के प्रवेश करते ही मेष राशि में सूर्य, बुध और मंगल की त्रिग्रही युति बनेगी. ज्योतिषीय दृष्टि से यह युति काफी प्रभावशाली होती हैं. मंगल का यह गोचर कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आएगा.

मेष

मेष राशि वालों के लिए यह समय सबसे अधिक लाभकारी रहेगा. आत्मविश्वास बढ़ेगा. नए कार्यों की शुरुआत होगी. करियर में सफलता मिलने के योग बनेंगे. भूमि और संपत्ति से लाभ मिल सकता है.

सिंह

सिंह राशि वालों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. यात्रा के योग बनेंगे और शिक्षा, प्रतियोगिता या नए अवसरों में सफलता प्राप्त हो सकती है. मित्रों का सहयोग भी मिलेगा.

वृश्चिक

वृश्चिक राशि वालों को कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और बदलाव का सामना करना पड़ सकता हैं. स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. किसी भी बड़े निवेश से पहले सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होगा.

कुंभ

कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर व्यापार और निवेश में लाभ देने वाला साबित हो सकता है. संचार क्षमता मजबूत होगी और छोटे यात्राओं के योग बनेंगे. भाई-बहनों का सहयोग भी प्राप्त होगा.