मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र स्थित एमसीसी अस्पताल में स्टाफ नर्स नेहा की मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी. आरोप है कि अस्पताल में कार्यरत वार्डब्वॉय और नेहा के प्रेमी सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर जहरीला पदार्थ ड्रिप में मिलाकर नेहा की हत्या कर दी. हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने मौके पर फर्जी सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां रख दी थीं.

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हैंडराइटिंग से हुआ खुलासा

पुलिस जांच में सबसे बड़ा सुराग उस सुसाइड नोट से मिला, जिसकी हैंडराइटिंग को नेहा के परिजनों ने पहचानने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें सुरेश और फरहान ग्लव्स पहनकर वार्ड से बाहर निकलते दिखाई दिए. दोनों के मोबाइल फोन की जांच और पूछताछ के बाद पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो गया.

शादी के दबाव से परेशान होकर बनाया प्लान

पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय नेहा पिछले नौ महीने से अस्पताल में कार्यरत थीं. उनका करीब आठ महीने से सुरेश के साथ प्रेम संबंध था. दोनों शादीशुदा थे, लेकिन नेहा लगातार सुरेश पर शादी का दबाव बना रही थीं. इसी से छुटकारा पाने के लिए सुरेश ने हत्या की योजना बनाई और अपने दोस्त फरहान को भी इसमें शामिल कर लिया.

जहरीली ड्रिप लगाकर मार डाला

शनिवार को ड्यूटी के दौरान नेहा ने कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत की. इसी बहाने उन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां ड्रिप में कथित तौर पर जहरीला केमिकल मिलाकर चढ़ा दिया गया. जहरीली ड्रिप लगने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने फर्जी सुसाइड नोट और सल्फास की गोलियां रखकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की.

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सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से कैनुला, सिरिंज, मोबाइल फोन, फर्जी सुसाइड नोट, नोटपैड और जहरीला केमिकल बरामद किया है. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट से मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि की जाएगी.