भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में शुमार “लगान” (Lagaan) आज भी दर्शकों के दिलों पर राज करती है. साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि अपनी दमदार कहानी, शानदार अभिनय और बेहतरीन संगीत के दम पर इतिहास भी रच दिया था. अब फिल्म अपनी रिलीज के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रही है. इस खास मौके पर आमिर खान प्रोडक्शंस (Aamir Khan Productions) ने फैंस को एक खूबसूरत तोहफा दिया है, जिसने उन्हें पुरानी यादों की सैर करा दी है.

दरअसल, मेकर्स ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर किया है, जिसमें फिल्म के सबसे यादगार रोमांटिक पलों में से एक को दोबारा जीवंत किया गया है. वीडियो में आमिर खान (Aamir Khan) और ग्रेसी सिंह (Gracy Singh) ने अपने लोकप्रिय किरदार भुवन और गौरी के उसी आइकॉनिक सीन को 25 साल बाद फिर से रिक्रिएट किया है. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर आते ही फैंस को भावुक कर दिया और लोग इसे देखकर फिल्म से जुड़ी अपनी पुरानी यादें साझा करने लगे.
इस वीडियो के साथ मेकर्स ने एक भावनात्मक कैप्शन भी लिखा कि “वापस वहीं, जहाँ से यादों की शुरुआत हुई थी.” इस एक लाइन ने उन दर्शकों के दिलों को छू लिया, जिन्होंने ‘लगान’ को सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव के रूप में जिया था. वीडियो में आमिर और ग्रेसी की वही मासूम केमिस्ट्री देखने को मिलती है, जिसने दो दशक पहले लाखों लोगों का दिल जीत लिया था.
देशभक्ति, आत्मसम्मान, संघर्ष, प्रेम और उम्मीद की कहानी
निर्देशक आशुतोष गोवारिकर (Ashutosh Gowariker) के निर्देशन और आमिर खान (Aamir Khan) के प्रोडक्शन में बनी ‘लगान’ केवल एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं थी. यह एक ऐसी कहानी थी, जिसमें देशभक्ति, आत्मसम्मान, संघर्ष, प्रेम और उम्मीद का खूबसूरत संगम देखने को मिला. अंग्रेजों के खिलाफ क्रिकेट मैच के जरिए अन्याय के खिलाफ लड़ाई की कहानी ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया था. यही वजह है कि फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रेरणादायक फिल्मों में गिनी जाती है.
बता दें कि “लगान” (Lagaan) ने भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है. फिल्म को 74वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था. यह उपलब्धि हासिल करने वाली ‘लगान’ भारत की तीसरी फिल्म बनी थी. इस सम्मान ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई और यह साबित किया कि अच्छी कहानी भाषा और सीमाओं से कहीं बड़ी होती है.

