Mirzapur Shoorveer Song Controversy: फिल्म मिर्जापुर बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में है, लेकिन इसके एक गाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। गायक रैपरिया बालम के कथित आरोप के बाद अब मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने शूरवीर गाने को फिल्म से हटाने और मेकर्स से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) को पत्र भेजकर गाने को फिल्म से हटाने की मांग की है।

महाराणा प्रताप से जुड़े गीत के इस्तेमाल पर आपत्ति
राजेंद्र राठौड़ ने अपने पत्र में कहा है कि ‘शूरवीर’ गीत में महाराणा प्रताप के शौर्य का बखान किया गया है। गीत में महाराणा प्रताप और उनके प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर सवार होकर युद्ध में जाने का वर्णन है। उनके मुताबिक, फिल्म मिर्जापुर के शुरुआती हिस्से में मुन्ना भाई और उसका गैंग दूसरे गैंग के साथ शूटआउट करते दिखाई देता है। इसी सीन में शूरवीर गाने को बैकग्राउंड स्कोर के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। राठौड़ ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जाना जाता है। रैपरिया बालम का लिखा यह गीत महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी के युद्ध में उनके युद्ध कौशल को समर्पित है। ऐसे गीत का इस तरह के सीन में इस्तेमाल उचित नहीं है।
इतिहास का अपमान करने का आरोप
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि महाराणा प्रताप के संदर्भ में गुड्डू भाई और मुन्ना त्रिपाठी जैसे किरदारों को बड़ा नहीं किया जा सकता, जो गैर-कानूनी कामों में शामिल होते हैं। उनका आरोप है कि ऐसे चित्रण से इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है और उसका अपमान होता है। उन्होंने कहा कि इससे राजस्थान समेत पूरे देश की भावनाएं आहत हुई हैं। राठौड़ ने इस मुद्दे को दिल्ली में भी उठाने की बात कही है।
स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर भी आपत्ति
राजेंद्र राठौड़ ने अभिनेत्री स्वरा भास्कर के जौहर और उसके चित्रण से जुड़े बयानों पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक घटनाओं को उनके मूल संदर्भ से अलग करके देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जौहर जैसी परंपराओं की तुलना आधुनिक अपराधों से करना इतिहास की गलत व्याख्या है।
रैपरिया बालम ने भेजा कानूनी नोटिस
दूसरी ओर, ‘शूरवीर’ गाने के गायक रैपरिया बालम भी फिल्म में गीत के इस्तेमाल के तरीके से नाराज हैं। उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि यह गीत उनकी मातृभूमि और वीर शिरोमणि मेवाड़ की गौरवशाली विरासत को समर्पित है। बालम के मुताबिक, बिना अनुमति गीत का इस्तेमाल किए जाने से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में रिकॉर्ड कंपनी और फिल्म निर्माताओं को कानूनी नोटिस भी भेजा जा चुका है।
महाराणा प्रताप के वंशज ने भी मांगी कार्रवाई
विवाद में मेवाड़ के पूर्व राजघराने की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। राजसमंद से भाजपा विधायक और महाराणा प्रताप के सीधे वंशज विश्वराज सिंह मेवाड़ ने सेंसर बोर्ड से फिल्म मेकर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने महाराणा प्रताप के लिए लिखे गए गीत के गलत और गैर-कानूनी इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि इतिहास को गलत तरीके से पेश करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। वहीं, महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि रचनात्मक स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है। उन्होंने कलाकारों और रचनाकारों से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते समय लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप करोड़ों लोगों के लिए श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
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