पश्चिम बंगाल के चर्चित संदेशखली मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है. कोलकाता की विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट ने पूर्व टीएमसी नेता शेख शाहजहां, उसके भाई शेख आलमगीर और उसके 2 बेहद खास सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन (मनी लाउंडरिंग) केस में आरोप तय कर दिये हैं. 27 करोड़ की संपत्तियां पहले ही अटैच हो चुकी हैं.
संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार और जमीनों पर अवैध कब्जे के मुख्य आरोपी शेख शाहजहां की मुश्किलें अब और बढ़ गयी हैं.
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार और जमीनों पर अवैध कब्जे के मुख्य आरोपी शेख शाहजहां (Sheikh Shahjahan) की मुश्किलें अब और बढ़ गयी हैं. ईडी ने शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी.
ईडी की जांच में पता चला कि शेख शाहजहां ने राजनीतिक समर्थन और अपने गुंडों की फौज के बल पर संदेशखाली में आतंक का राज कायम किया था. भूमि हड़पना, अवैध मछली पालन/व्यापार, ईंट भट्ठों पर कब्ज़ा करना बल और धमकियों का इस्तेमाल करते हुए ठेके हासिल करना और अवैध करों की वसूली करके उसने अपनी संपति बनायी है.

इस अवैध धन को मछली कारोबार की आय के रूप में दिखाकर वैध बनाने की कोशिश की गई और इसके लिए कई करीबी सहयोगियों का इस्तेमाल किया गया.
ED ने इस मामले में 27 मई 2024 को अभियोजन शिकायत दायर की थी की शेख शाहजहां ने छोटे अपराधों से शुरुआत कर धमकी, हिंसा और दबंगई के जरिए अपना आपराधिक नेटवर्क लगातार फैलाया. अदालत ने 3 जून 2024 को संज्ञान लिया था.
शेख शाहजहां और उसके गुर्गों के खिलाफ ईडी का यह मनी लाउंडरिंग केस पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गयी कई प्राथमिकियों (FIR) के आधार पर शुरू हुआ था. कोर्ट ने औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिया है. जमानत मिलने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गयी हैं.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

