सोहराब आलम/मोतिहारी। जिला मुख्यालय में बढ़ती जाम की समस्या और अवैध कब्जों पर नकेल कसते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम ने शुक्रवार को एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, छतौनी चौक से ढाका रोड तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को जेसीबी और बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
प्रशासन का सख्त रुख और सुरक्षा व्यवस्था
इस व्यापक अभियान का नेतृत्व सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) निशांत सिहरा ने किया। उनके साथ प्रभारी अंचलाधिकारी सुनील कुमार, छतौनी थानाध्यक्ष मृत्युंजय पासवान और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक टीम ने सड़क की पटरियों पर बनी अस्थायी दुकानों, लोहे के शेड, टीन-टप्पर और अन्य अवैध ढांचों को पूरी तरह हटा दिया। अभियान के दौरान जहां कुछ दुकानदारों ने खुद ही अपना सामान समेट लिया, वहीं चेतावनी के बावजूद कब्जा जमाए बैठे लोगों के अवैध निर्माण को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया।
क्यों पड़ी प्रशासन को कार्रवाई की जरूरत?
सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहरा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई रातों-रात नहीं की गई है। उन्होंने बताया हम पिछले कई दिनों से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सूचित कर रहे थे और व्यक्तिगत नोटिस भी जारी किए गए थे। बावजूद इसके जब लोगों ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया तो कानून का पालन कराने के लिए मजबूरन बुलडोजर का सहारा लेना पड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि छतौनी चौक मोतिहारी शहर का हृदय स्थल है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहनों और लोगों का आवागमन होता है। सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के कारण यहां हर दिन घंटों जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे आम जनता को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
प्रशासन के इस कदम से आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का मानना है कि छतौनी से ढाका रोड तक हुए इस अतिक्रमण हटाओ अभियान से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि सड़क चौड़ी होने से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की है कि इस व्यवस्था को भविष्य में भी बनाए रखा जाए ताकि सड़क फिर से अतिक्रमण की भेंट न चढ़े। जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि शहर में कहीं भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

