कुंदन कुमार/पटना। बिहार के मोतिहारी जिले के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब मोतिहारी में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होने जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार की एक प्रमुख मांग को स्वास्थ्य विभाग ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है। सरकार की ओर से यह मंजूरी मिलने के बाद अब मोतिहारी में एक नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
पीपीपी मोड पर होगा निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं को लगेंगे पंख
विधायक प्रमोद कुमार ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मोतिहारी में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए लंबे समय से पुरजोर मांग उठाई थी। उनकी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी स्वीकृति दे दी है। इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP Mode) के तहत किया जाएगा। पीपीपी मोड पर बनने से इस परियोजना में उच्च गुणवत्ता और तेजी से काम पूरा होने की उम्मीद है।
मोतिहारी वासियों के लिए ऐतिहासिक तोहफा
विधायक ने इसे मोतिहारी की जनता के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा करार दिया है। उनका कहना है कि इस मेडिकल कॉलेज के बन जाने से पूर्वी चंपारण और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी बेहतरीन और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अब पटना या अन्य दूसरे शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। इसके साथ ही क्षेत्र के युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई के नए अवसर भी सृजित होंगे।
स्थानीय स्तर पर रोजगार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
इस मेडिकल कॉलेज के खुलने से न सिर्फ चिकित्सा व्यवस्था में सुधार आएगा, बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बिहार सरकार के इस कदम से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है और जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है।


