सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकर गांव में मंगलवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम ने औचक छापेमारी की। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के एक बड़े संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के उद्देश्य से की गई है। NIA की टीम ने गांव के वार्ड संख्या-2 निवासी मो. कलामुद्दीन (पिता: मो. यासीन) के आवास को घेर लिया और घंटों तक गहन छानबीन की।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और संदिग्ध भूमिका
NIA के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एजेंसी द्वारा दर्ज केस संख्या RC-10/2024/NIA/DLI के तहत की गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कलामुद्दीन का तार सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा है। आरोप है कि वह लोगों को सुनियोजित तरीके से कंबोडिया भेजने और उनके यात्रा दस्तावेजों व टिकटों की व्यवस्था करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
छपरा कनेक्शन और रोजगार का झांसा
जांच के दौरान एजेंसी को अहम सुराग मिले हैं कि कलामुद्दीन, छपरा निवासी सुधीर सिंह के सीधे संपर्क में था। सुधीर सिंह को इस पूरे मामले का मुख्य सरगना माना जा रहा है। ये लोग गरीब और बेरोजगार युवाओं को बेहतर रोजगार का प्रलोभन देकर विदेश भेजने का लालच देते थे। NIA अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने राज्यों के लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना विस्तृत है।
डिजिटल साक्ष्य जब्त और अगली सुनवाई
छापेमारी के दौरान NIA ने कलामुद्दीन का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है जिसमें मौजूद डिजिटल साक्ष्य नेटवर्क के बारे में कई बड़े खुलासे कर सकते हैं। इसके अलावा, घर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। NIA ने कलामुद्दीन को औपचारिक नोटिस जारी कर 13 जुलाई को पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है जहां उससे और भी गहराई से पूछताछ की जाएगी।
स्थानीय पुलिस का सहयोग
छापेमारी के दौरान फेनहारा पुलिस की टीम ने सुरक्षा के घेरे में NIA की पूरी मदद की। इस अप्रत्याशित कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। NIA के अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती दौर में है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों को बेनकाब किया जाएगा। एजेंसी के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है और जल्द ही कई और गिरफ्तारियां संभव हैं।

