मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी पुलिस ने अपराध जगत में हड़कंप मचाते हुए कुख्यात अपराधी नरेश पांडे के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी है। मंगलवार देर रात छतौनी थाना क्षेत्र की बंगाली कॉलोनी स्थित उसके आवास पर हुई इस छापेमारी में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हालांकि मुख्य आरोपी नरेश पांडे मौके से फरार होने में सफल रहा लेकिन पुलिस ने उसके करीबी सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।

​बरामदगी और कार्रवाई का विवरण

​छापेमारी के दौरान पुलिस ने नरेश पांडे के घर से भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मौके से 16 लाख रुपये नकद और नेपाली करेंसी बरामद की गई है। इसके अलावा एक नोट गिनने की मशीन एक लोडेड कट्टा और 6 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घर से शराब की बोतलें सोने-चांदी के गहने और जमीन से संबंधित दो दर्जन से अधिक दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए हैं।

​परिजनों का विरोध और पुलिस की सख्ती

​कार्रवाई के दौरान पुलिस को स्थानीय स्तर पर बाधा का सामना भी करना पड़ा। घर में मौजूद परिजनों ने शुरुआती दौर में छापेमारी का कड़ा विरोध किया। हालांकि पुलिस की सख्ती और पुख्ता रणनीति के आगे उन्हें झुकना पड़ा और तलाशी की प्रक्रिया पूरी की गई।

​उज्जवल कुमार की गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा

​इस छापेमारी में नरेश पांडे के राइट हैंड माने जाने वाले उज्जवल कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि उज्जवल से होने वाली पूछताछ नरेश पांडे के पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने में मददगार साबित होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकद और विदेशी (नेपाली) मुद्रा का स्रोत क्या था और इसे किस अवैध गतिविधि के लिए जमा किया गया था।

​अपराधों का लंबा इतिहास

​कुख्यात नरेश पांडे मोतिहारी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और सरकारी कार्यों में बाधा डालने जैसे 18 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि वह हथियारों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों के एक बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था। फिलहाल पुलिस फरार नरेश पांडे की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी कर रही है।