शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश एसटीएफ ने फर्जी पासपोर्ट गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में बंग्लादेशियों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है। उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि डबरा के सिमरिया टेकरी की बौद्ध विहार कॉलोनी के एक ही पते पर फर्जी दस्तावेजों से कई सारे फर्जी पासपोर्ट जारी गए। सभी पासपोर्ट बंगाल और असम के नाम जारी किए गए। इसी पासपोर्ट से वे बौद्ध अनुयायी बनकर थाईलैंड, मलेशिया, चीन, श्रीलंका और जापान की यात्रा भी करते रहे।
इस खुलासे से विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया है। फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी समेत दो लोगों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। पूछताछ में 70 से ज्यादा फर्जी पासपोर्ट का खुलासा हुआ है। गिरोह ने ऐसा सिस्टम बनाया कि पुलिस सत्यापन से लेकर पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया में सांठगांठ से फर्जी दस्तावेज खपा दिए। 2021-22 से डबरा में यह गोरखधंधा चल रहा था।
ये भी पढ़ें: फर्जी डॉक्यूमेंट से बने 20 बांग्लादेशियों के पासपोर्ट, बौद्ध अनुयाई करते रहे यात्रा, विदेश मंत्रालय के खुलासे से पुलिस फेरफिकेशन पर उठे सवाल
मास्टरमाइंड रियाल असम में रहता है। वह मूलतः बांग्लादेशी है। इस खुलासे के बाद लोगों का सत्यापन करने वाली डबरा पुलिस संदेह के घेरे में है। मास्टरमाइंड रियाल कह रहा है कि वर्षों पहले ये लोग बंग्लादेश छोड़कर अलग-अलग शहरों में रह रहे हैं। उसने ऐसे लोगों के पासपोर्ट बनवाने के लिए आधार कार्ड, पेन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र सब सांठगांठ से फर्जी बनवाए। सांठगांठ कर पुलिस से सत्यापन कराया। एसटीएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरोह चलने के एंगल पर भी जांच कर रही है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



