संजय पाटीदार, भोपाल। राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध सिद्धांता अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मरीजों की सुरक्षा और इलाज के मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद विभाग ने अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से शहर के अन्य निजी अस्पतालों में भी खलबली मच गई है।

ये भी पढ़ें: बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ की इतनी कम सजा ? ANM की सिर्फ 3 दिन की सैलरी कटी, जानें इंदौर स्वास्थ्य विभाग का खेल

डायलिसिस यूनिट से लेकर ब्लड सैंपल तक में पाई गईं 19 गंभीर कमियां

स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई औचक जांच और निरीक्षण के दौरान सिद्धांता अस्पताल में एक-दो नहीं, बल्कि कुल 19 गंभीर अनियमितताएं और खामियां उजागर हुई हैं। जांच टीम को अस्पताल की डायलिसिस मशीनों के संचालन और मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड के रखरखाव में बड़ी लापरवाही मिली। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड में रखे जाने वाले जरूरी ब्लड सैंपल को स्टोर करने की व्यवस्था भी निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

ये भी पढ़ें: नरसिंहपुर में ED का छापा: शराब कारोबारी के ठिकानों पर दी दबिश, जांच जारी…

डॉक्टरों की कमी और फायर सेफ्टी नियमों का भी उल्लंघन

अस्पताल में सिर्फ बुनियादी सुविधाएं ही बदहाल नहीं थीं, बल्कि अति-संवेदनशील सेवाओं में भी नियमों का उल्लंघन पाया गया। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में जरूरी जीवनरक्षक उपकरणों की भारी कमी थी और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की उपलब्धता भी तय मानकों के अनुसार नहीं थी। इसके साथ ही अस्पताल के आईसीयू (ICU), एक्स-रे विभाग, डायलिसिस यूनिट और फायर सेफ्टी से जुड़े सुरक्षा इंतजामों में भी गंभीर नियमों की अनदेखी की गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m