हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल से एक ऐसा खौफनाक और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है, जिसने हजारों पालकों के होश उड़ा दिए हैं। बच्चों को बेहतर भविष्य और सुरक्षित माहौल देने का दावा करने वाले इस बड़े स्कूल के पानी और खाने में ‘जहर’ घुलने की पुष्टि हुई है। स्कूल के पानी की जांच में वही जानलेवा ‘कोलीफार्म बैक्टीरिया’ पाया गया है, जिसने हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा में कोहराम मचाया था। इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लेते हुए स्कूल के किचन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
20 जून का वो खौफनाक दिन… जब एक साथ तड़प उठे थे 150 मासूम
इस पूरे मामले की कड़ियां पिछले महीने की एक बड़ी घटना से जुड़ी हुई हैं, जिसे दबाने की कोशिश की जा रही थी। बीते 20 जून को स्कूल में अचानक एक दो नहीं बल्कि एक साथ 150 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई थी।
मासूम बच्चों में लगातार उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और खाद्य विभाग की टीम ने स्कूल में दबिश देकर पानी और खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। अब जो रिपोर्ट आई है, उसने स्कूल प्रबंधन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं।
सिर्फ पानी ही नहीं, तेल-नमकीन से लेकर आइसक्रीम तक सब ‘फेल’!
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में स्कूल के मेस में मिलने वाले खाने को लेकर जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद डराने वाले हैं:
जहरीला पानी: बच्चों को पिलाए जाने वाले पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिला है, जो गंदे और सीवरेज मिश्रित पानी में पनपता है।
घटिया तेल और नमकीन: लैब टेस्टिंग में स्कूल के किचन से लिया गया सोयाबीन तेल और नमकीन का सैंपल भी पूरी तरह फेल पाया गया है।
आइसक्रीम में मिला घातक जीवाणु: सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों की पसंदीदा आइसक्रीम के सैंपल में ‘लिस्टीरिया’ (Listeria) जैसा खतरनाक बैक्टीरिया डेवलप होना पाया गया है, जो इंसानी शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक है।

कलेक्टर सख्त, फूड ऑफिसर ने की पुष्टि; किचन रहेगा सील
मामले की गंभीरता और बच्चों की जान से हुए इस खिलवाड़ पर प्रशासन अब आर-पार के मूड में है। इंदौर के फूड ऑफिसर मनीष स्वामी ने आधिकारिक तौर पर इन सभी सैंपल्स के फेल होने और पानी में खतरनाक बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि कर दी है।
इंदौर कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए स्कूल के किचन को आगामी आदेश तक सील रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया है।

पालने वाले माता-पिता भारी-भरकम फीस देकर अपने बच्चों को इन बड़े स्कूलों में सुरक्षित समझकर भेजते हैं। लेकिन अगर वहां बच्चों को बैक्टीरिया वाला पानी और मिलावटी खाना परोसा जा रहा है, तो यह बेहद शर्मनाक और क्रिमिनल एक्ट है।
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