कर्ण मिश्रा, मुरैना/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा में बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर लकड़ी से भरा एक लोडिंग वाहन पकड़ा है। वन विभाग की इस कार्रवाई से लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वाहन चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
दरअसल, जौरा वन विभाग को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि खैर की छिली हुई लकड़ी से भरा एक लोडिंग वाहन क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने पगारा कोठी और सुमावली क्षेत्र में चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान संदिग्ध वाहन दिखाई दिया, जिसे रोकने का प्रयास किया गया। वन अमले को देखकर चालक वाहन लेकर भागने लगा। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पीछा करते हुए वाहन को टेकरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर पकड़ लिया।
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वाहन की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में खैर की लकड़ी मिली। जब चालक से लकड़ी के वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई संतोषजनक कागजात नहीं दिखा सका। वन विभाग ने वाहन चालक अरबाज खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने बताया कि वह लकड़ी लेकर रतलाम जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक, मामले में खैर लकड़ी के कथित कारोबारी अब्दुल खान और वाहन मालिक जाहिद हुसैन का नाम भी सामने आया है। हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इस कार्रवाई के बाद तस्करी के नेटवर्क को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। यदि खैर लकड़ी से भरा वाहन जिले से बाहर जा रहा था तो रास्ते में मौजूद अन्य चेकिंग प्वाइंट्स पर इसकी जांच क्यों नहीं हुई। सूत्रों के मुताबिक, चालक पहले भी कई बार खैर लकड़ी की ढुलाई कर चुका है, जिससे तस्करी के संगठित नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल वन विभाग ने वाहन और लकड़ी को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फॉरेस्ट अधिकारी राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी।

