मोहित भावसार, शाजापुर। मध्य प्रदेश में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जल स्रोतों को बचाने के दावे तो बड़े-बड़े किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गंगा दशमी के अवसर पर शाजापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर खुद राजगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा सांसद रोडमल नागर भी हैरान रह गए।

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जिस नदी का पूजन करने पहुंचे, वह बन चुकी थी नाला

सांसद रोडमल नागर शाजापुर की ऐतिहासिक चीलर नदी का पूजन करने पहुंचे थे। जैसे ही वे नदी के तट पर पहुंचे, वहां की दुर्दशा देखकर दंग रह गए। दशकों से शहर की जीवनदायिनी रही चीलर नदी आज पूरी तरह से एक गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। नदी में चारों तरफ गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ था। इसके बावजूद सांसद ने चीलर नदी का विधि-विधान से पूजन किया और उसे चुनरी भी चढ़ाई।

सांसद का बयान: “नदी की गंदगी देखकर पीड़ा हुई”

इस बदहाली को लेकर जब मीडिया ने सांसद रोडमल नागर से सवाल किया तो उन्होंने अपनी लाचारी और चिंता दोनों व्यक्त की। सांसद ने कहा नदी की यह स्थिति देखकर मुझे गहरी पीड़ा हुई है। लेकिन मैंने वहां उपस्थित सभी लोगों से अनुरोध किया है कि हम पूजन तो कर ही रहे हैं पर क्या इसके साथ-साथ हम इसे साफ रखने का संकल्प ले सकते हैं? चाहे हम 4 लोग हों या 10 लोग, यह काम सिर्फ अकेली सरकार का नहीं है। जब तक पूरा समाज उठकर खड़ा नहीं होगा, तब तक नदियां शुद्ध नहीं हो सकतीं।

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जिम्मेदारों के सुस्त रवैये ने बिगाड़ी नदी की सूरत

गौरतलब है कि चीलर नदी की सफाई और इसके जीर्णोद्धार को लेकर पिछले कई सालों में करोड़ों के बजट और कई बड़े अभियानों के दावे किए जा चुके हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के सुस्त रवैये के कारण यह नदी आज अपनी पहचान खो चुकी है। आज का यह वाकया साफ दिखाता है कि अभियान सिर्फ कागजों और औपचारिकता तक ही सीमित रह गए हैं।

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