अनमोल मिश्रा, सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल की एक बार फिर लापरवाही सामने आई है। जिसने मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बताया जा रहा है कि डॉक्टर को दिखाने पहुंची दो छात्राएं नई ओपीडी भवन के अंदर ही कैद हो गईं, क्योंकि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी सभी दरवाजों पर ताला लगाकर चला गया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया।
जानकारी के मुताबिक, इंदिरा कॉलेज की दो छात्राएं इलाज के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी पहुंची थीं। हॉस्पिटल में निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 2 बजे ओपीडी बंद की जाती है, आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चपरासी ने भवन की पूरी तरह जांच किए बिना ही ओपीडी के चारों दरवाजों पर ताला जड़ दिया और वहां से चला गया। इस दौरान दोनों छात्राएं अंदर ही मौजूद थीं।
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शोर सुनकर पहुंचे लोग
काफी देर तक बाहर निकलने का रास्ता न मिलने पर छात्राएं ओपीडी परिसर में इधर-उधर भटकती रहीं। जब कोई सहायता नहीं मिली तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। आवाज सुनकर आसपास मौजूद मेडिकल स्टाफ का ध्यान उनकी ओर गया। इसके बाद संबंधित कर्मचारी की तलाश शुरू की गई और काफी मशक्कत के बाद ताला खोला गया। तब जाकर छात्राएं बाहर निकल सकीं।
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छात्राओं ने नहीं की शिकायत
घटना के दौरान छात्राएं घबराई हुई नजर आईं। हालांकि बाहर निकलने के बाद उन्होंने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन इस घटना ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओपीडी बंद करने से पहले यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया कि भवन के भीतर कोई मरीज या परिजन मौजूद तो नहीं है। वहीं घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन भी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।


