शब्बीर अहमद, Bhopal. मध्य प्रदेश में 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की धड़कनें तेज हो गई हैं क्योंकि उनके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET EXAM) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) अगले महीने अगस्त में परीक्षा आयोजित करने की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग से शिक्षकों का जिलेवार ब्यौरा भी मांग लिया है।

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इस बड़े संकट के बीच चौतरफा दबाव झेल रही डॉ. मोहन यादव सरकार एक बार फिर इन शिक्षकों को राहत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।

सिर्फ 50 जिला मुख्यालयों पर होगी परीक्षा

कर्मचारी चयन मंडल का प्रयास है कि इस परीक्षा का आयोजन इस तरह किया जाए कि शिक्षकों को ज्यादा परेशान न होना पड़े। मंडल की कोशिश है कि अधिकतम परीक्षाएं जिला मुख्यालयों पर ही आयोजित की जाएं। यह परीक्षा केवल 50 जिला मुख्यालयों पर होगी, नए गठित जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे।

परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए शिक्षकों के लिए ‘समर्थ पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग क्लासेस भी शुरू कर दी गई हैं। बता दें कि प्रभावित शिक्षकों को हर हाल में 31 अगस्त तक यह पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।

क्यों फंसा है पेंच? जानिए सुप्रीम कोर्ट का वो आदेश

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने एक कड़ा आदेश जारी करते हुए साल 1998 से लेकर 2009 तक नियुक्त हुए सभी शिक्षकों के लिए TET परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया था। इस आदेश के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका भी दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट से सरकार और शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली और याचिका खारिज हो गई।

70 हजार शिक्षकों को बचाने दोबारा SC जाएगी सरकार

शिक्षकों के भारी विरोध और दबाव के बीच अब सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है। सरकार इस बार सुप्रीम कोर्ट में मुख्य रूप से 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों को राहत दिलाने की गुहार लगाएगी।

इन शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय ‘शिक्षक राज्य स्तरीय संविदा शाला शिक्षक पात्रता परीक्षा’ पास की थी। इसी आधार पर सरकार कोर्ट में मांग करेगी कि 2005 से 2009 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों को इस नई TET अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।

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अगर सुप्रीम कोर्ट सरकार की इस दलील को मान लेता है तो प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों को सीधी राहत मिलेगी और उनकी नौकरी पर मंडरा रहा खतरा टल जाएगा।

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