मुजफ्फरपुर। शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले मालीघाट इलाके में शुक्रवार को एक मोमबत्ती फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा मोम पिघलाने के दौरान गैस लीक होने की वजह से हुआ। फैक्ट्री के अंदर भारी मात्रा में ज्वलनशील मोम और सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और चारों तरफ काला धुआं फैल गया।
संचालक झुलसे, दमकल की लेटलतीफी पर उठे सवाल
आग बुझाने की कोशिश के दौरान फैक्ट्री के संचालक दीपक कुमार बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी गुस्सा देखने को मिला।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि दमकल केंद्र घटनास्थल से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद दमकल की गाड़ियां आधे घंटे की देरी से पहुंचीं। हालांकि, बाद में चार दमकल गाड़ियों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, वरना आसपास कई गैस गोदाम होने के कारण एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा हो सकता था। इस दुर्घटना में लगभग तीन लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर चल रही थी अवैध फैक्ट्री
स्थानीय निवासी साजिद और रौशन ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि यह फैक्ट्री बिना किसी एनओसी (NOC) के पूरी तरह अवैध रूप से संचालित हो रही थी। व्यावसायिक नियमों को ताक पर रखकर यहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और खाना पकाने वाले घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल मोम पिघलाने के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, फैक्ट्री में बाल श्रम जैसे गंभीर नियमों का उल्लंघन करते हुए बच्चों से मजदूरी भी कराई जा रही थी, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े होते हैं।
प्रशासन की सख्ती और आगे की कार्रवाई
इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अग्निशमन विभाग की कमांडेंट प्रज्ञा शरण ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि रिहायशी और घनी आबादी वाले इलाकों में चल रही सभी अति ज्वलनशील फैक्ट्रियों की अब सघन जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस दुर्घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध भी सख्त प्रशासनिक एक्शन लिया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न दोहराई जाए।

