मुजफ्फरपुर। जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर एक स्थानीय कारोबारी से 50 लाख रुपए की भारी-भरकम रंगदारी मांगी गई है। पैसा न देने पर पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी गई है, जिसके बाद से पीड़ित कारोबारी और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे और दहशत के माहौल में जी रहा है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद इलाके के व्यापारियों में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। व्हाट्सएप मैसेज के जरिए दी गई
जान से मारने की धमकी
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र की है। यहां के दाउदपुर कोठी संगम चौक के रहने वाले प्रसिद्ध कारोबारी रंजीत कुमार सहनी को अपराधियों ने अपना निशाना बनाया है। पीड़ित रंजीत कुमार ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि 21 जुलाई की सुबह ठीक 9:47 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का सक्रिय सदस्य बताया और कारोबार से जुड़े रंजीत कुमार से 50 लाख रुपए की रंगदारी की डिमांड की।
पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को खत्म करने का अल्टीमेटम
अपराधियों द्वारा भेजे गए उस संदेश में बेहद आक्रामक और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया था। उसमें साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि यदि तय समय के भीतर 50 लाख रुपए की फिरौती नहीं पहुंचाई गई तो कारोबारी रंजीत कुमार सहनी सहित उनके पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया जाएगा। इस तरह की जानलेवा धमकी मिलने के बाद पीड़ित परिवार का रातों की नींद उड़ गई है और वे डरे-सहमे जिंदगी गुजार रहे हैं।
पुलिस थाने में मामला दर्ज, सुरक्षा की लगाई गुहार
घटना के तुरंत बाद पीड़ित कारोबारी ने बिना देर किए ब्रह्मपुरा थाना पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की लिखित जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को दिए गए आवेदन में धमकी भरा मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट और अन्य तमाम डिजिटल साक्ष्य सौंपे हैं। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी की तत्काल पहचान करने उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनके पूरे परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।
तकनीकी जांच और सीडीआर खंगालने में जुटी पुलिस
इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए ब्रह्मपुरा थानाध्यक्ष विपिन रंजन ने मीडिया को जानकारी दी कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तकनीकी अनुसंधान शुरू कर दिया है। धमकी देने वाले मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल एविडेंस की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी पहलुओं के आधार पर अपराधियों की लोकेशन और उनकी पहचान का पता लगाया जा रहा है, और बहुत जल्द इस रंगदारी कांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


