कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। पुलिस और प्रशासन भू-माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने रात 10 बजे अपने कार्यालय में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में संगठित होकर जमीन पर कब्जा करने और आम जनता को डराने-धमकाने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ कोर्ट से वारंट लेकर गिरफ्तारी की पुख्ता प्रक्रिया में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 20 अगस्त को हुई थी, जब झपांह के उरनडीह इलाके में लगभग 52 प्लॉटों पर बनी चहारदिवारी को गिराने के लिए भारी उपद्रव मचाया गया था।
- जेसीबी और हथियारों के साथ हमला: उरनडीह में 52 प्लॉटों की चहारदिवारी को ध्वस्त करने के लिए एक जेसीबी, एक स्कॉर्पियो, एक थार गाड़ी और करीब 50 लोग मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे थे। जब प्रहलाद कुमार नाम के व्यक्ति ने इसका विरोध किया, तो उसे जेसीबी से कुचलकर मारने की जानलेवा कोशिश की गई।
- दर्जनों मामले दर्ज: इस घटना के बाद पीड़ित प्रहलाद कुमार ने अहियापुर थाने में मामला दर्ज कराया। इसके बाद से लगातार पुलिस के पास शिकायतों का तांता लग गया और लगभग 20 अन्य लोगों ने भी अहियापुर थाने में केस दर्ज कराए। धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ा और विधायक पर शिकंजा कसता चला गया।
पुलिस पर हमले और बदसलूकी के आरोप
जांच के दौरान विधायक और उनके करीबियों पर पुलिस के साथ बदसलूकी करने और सरकारी काम में बाधा डालने के गंभीर आरोप भी लगे हैं।
- चाणक्यपुरी आवास पर छापेमारी: 23 अगस्त को पुलिस कोर्ट से सर्च वारंट लेकर अहियापुर स्थित पुलिस लाइन के पीछे चाणक्यपुरी में विधायक अमित कुमार रानू के घर छापेमारी करने पहुंची थी। आरोप है कि इस दौरान भी पुलिस के साथ बदसलूकी की गई।
- संदिग्ध दस्तावेज बरामद: गहन तलाशी के दौरान पुलिस को जमीन के कई संदिग्ध कागजात और साल 2017 के कई ब्लैंक (कोरे) स्टांप पेपर मिले। इसके अलावा विधायक के बैंक खातों और संपत्ति का भी ब्योरा खंगाला गया। पुलिस द्वारा पूरी तरह संतुष्ट न होने के कारण इस मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंपने के लिए लिख दिया गया है।
- बेलसंड कार्यालय पर रेड: सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक रिवाल्वर, 9 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, तीन मोबाइल फोन और छोटू यादव नामक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया। छोटू यादव के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विधायक के रिश्तेदारों पर भी शिकंजा और पुलिस की अपील
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि विधायक के रिश्तेदारों पर भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है। अब तक विधायक के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 8 मामलों में नामजद समेत कुल 25 आपराधिक कांड दर्ज हो चुके हैं।
एसएसपी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रोटेक्शन गैंग और भू-माफियाओं के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी पुलिस के रडार पर हैं और उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक और झूठी बातों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी नागरिक को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है; जमीन या अन्य किसी भी मामले में अपराध होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी और नगर एसडीपीओ-2 विनीत सिन्हा भी मौजूद रहे।


