मुजफ्फरपुर। शहर के कांटी स्थित कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 के खुलने की खुशी उस समय राजनीतिक तकरार में बदल गई, जब उद्घाटन समारोह के दौरान ही जदयू विधायक अजीत कुमार और लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही आपस में उलझ गए। वैशाली सांसद वीणा देवी की उपस्थिति में हुई इस नोकझोंक ने क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।

​श्रेय की लड़ाई और तीखी बहस

​विवाद की शुरुआत तब हुई जब लोजपा (रा.) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही ने सांसद वीणा देवी को संबोधित करते हुए कहा कि आप जनप्रतिनिधि हैं, आप आगे आएं, बाकी सब अल्लू-झल्लू हैं। यह टिप्पणी सुनते ही कांटी के जदयू विधायक अजीत कुमार आग-बबूला हो गए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि, मेरे कारण ही तुम आज यहां खड़े हो। इसके जवाब में चुलबुल शाही ने तीखे तेवर दिखाते हुए विधायक को कहा चल ना तू अपना काम कर, ज्यादा हल्ला मत कर। सांसद की मौजूदगी में हो रही इस तू-तू मैं-मैं को देखकर वहां उपस्थित समर्थकों ने हस्तक्षेप किया और दोनों को शांत करवाया।

​विवाद की जड़: प्रोटोकॉल का सवाल

​दोनों नेताओं के अपने-अपने तर्क हैं। चुलबुल शाही का दावा है कि गुमटी को खुलवाने के लिए सांसद वीणा देवी ने लगातार रेल मंत्रालय और अधिकारियों से पैरवी की थी। वहीं, विधायक अजीत कुमार का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के तहत यह कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में किसी भी कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय होना चाहिए और उन्हें सूचना दी जानी चाहिए, तो कुछ लोग अनावश्यक रूप से उनसे उलझ गए।

​22 फरवरी से झेल रहे थे परेशानी

​बता दें कि कपरपुरा रेलवे गुमटी 22 फरवरी से अंडरपास निर्माण के चलते बंद थी। इससे कांटी और आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया था, जिससे ग्रामीणों को 10 से 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। लंबे समय से चल रहे जनआंदोलन के बाद आखिरकार गुमटी खुलने से जनता को राहत तो मिली, लेकिन नेताओं की इस क्रेडिट वॉर ने कार्यक्रम की गरिमा को जरूर धूमिल कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।