वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले से एक अत्यंत दुखद और रहस्यमयी घटना सामने आई है। सिलाव थाना क्षेत्र के माहुरी हॉल्ट के समीप बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान भोजपुर जिले के आरा निवासी 27 वर्षीय अजय कुमार प्रसाद के रूप में हुई है। इस घटना ने मृतक के परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
क्या थी घटना?
जानकारी के अनुसार मृतक अजय कुमार प्रसाद दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। वह पिछले पांच वर्षों से वहीं रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। वर्ष 2020 में विवाह के बंधन में बंधे अजय के दो छोटे बच्चे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चचेरे भाई धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि 26-27 मई को उनकी अजय से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। अजय ने स्पष्ट कहा था कि उसे छुट्टी नहीं मिल पा रही है, इसलिए वह भांजे के मुंडन समारोह में शामिल होने नहीं आ पाएगा।

अनसुलझी पहेली: नालंदा कैसे पहुंचा अजय?
परिजनों के लिए सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि जो युवक दिल्ली में कार्यरत था वह अचानक नालंदा कैसे पहुंचा और वह भी उस रेलखंड पर जहां उसे नहीं होना चाहिए था। परिवार के अनुसार उनके पास अजय के आने की कोई जानकारी नहीं थी। दिल्ली से आरा के बजाय नालंदा की ओर उसकी यह यात्रा अनसुलझे रहस्यों के घेरे में है।
पुलिस की जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष
घटना की सूचना मिलते ही सिलाव पुलिस सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि युवक की शिनाख्त उसकी जेब से मिले पहचान पत्र के जरिए की गई। पुलिस का मानना है कि प्राथमिक तौर पर यह मामला चलती ट्रेन से गिरने का प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस इसे महज एक दुर्घटना मानकर ही नहीं बैठ गई है। पुलिस की टीम अब इस बात की गहन पड़ताल कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में इस रेलखंड पर पहुंचा। क्या यह कोई हादसा है या इसके पीछे कोई साजिश? इन तमाम बिंदुओं पर वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

