वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र में बीते 26 जून की रात एक 8 माह के बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। लापता बच्चे की पहचान कंचनपुर गांव निवासी महेश मांझी के 8 माह के पुत्र जनसुराज मांझी के रूप में हुई, जो घटना वाली रात अपने माता-पिता के साथ घर के बाहर सो रहा था। देर रात जब परिजनों की नींद खुली तो मासूम अपने बिस्तर से गायब था। काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला तो, परिजनों ने छबिलापुर थाना में बच्चे के अपहरण को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई।

गांव के ही दंपती ने किया था बच्चे का अपहरण

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर राजगीर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना तंत्र की मदद से लगातार छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस ने कंचनपुर गांव निवासी धर्मेन्द्र कुमार और मिन्टु देवी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपहरण की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। धर्मेन्द्र कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत आठ माह के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।

बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंपा

बरामद बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता के हवाले कर दिया गया है। वहीं, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। इस सफल अभियान में राजगीर अंचल के पुलिस निरीक्षक संजय कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमण कुमार, डीआईयू पुलिस निरीक्षक आलोक कुमार, छबिलापुर थानाध्यक्ष अनोज कुमार पाठक, पुलिस अवर निरीक्षक उत्तम कुमार झा, सहायक अवर निरीक्षक राजेश कुमार तथा छबिलापुर थाना की सशस्त्र पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस के कार्य की हो रही सराहना

नालंदा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। महज चार दिनों के भीतर मासूम को सुरक्षित बरामद कर पुलिस ने अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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