उत्तराखंड के नानकमत्ता में ड्यूटी से घर लौट रहे युवक को बंधक बनाकर मारपीट, लूट और अप्राकृतिक दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी तथा नशे के कारोबार पर रोक की मांग को लेकर कोतवाली में जोरदार प्रदर्शन किया।

उधम सिंह नगर। जिले के नानकमत्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत सिडकुल की एक फैक्टरी से ड्यूटी खत्म कर अपने घर वापस जा रहे युवक के साथ घिनौनी वारदात का मामला प्रकाश में आया है। बदमाशों ने रास्ते में युवक को रोककर उसके साथ चाकू की नोक पर मारपीट की, जेब में रखी नकदी लूट ली और कपड़े उतरवाकर अप्राकृतिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।

पीड़ित पवन सिंह (निवासी बिसोटा गांव) द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह वारदात सोमवार देर रात मच्छीझाला के करीब हुई। घटना की भनक लगते ही मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोचकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जबकि वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने झनकट निवासी दीपक और मनोज भाटिया सहित बेरिया घाट निवासी गोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कोतवाली में भारी आक्रोश

इस दुस्साहसिक वारदात और इलाके में पैर पसार रहे नशीले पदार्थों के अवैध धंधे के विरोध में मंगलवार को जनआक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी की अगुवाई में बड़ी संख्या में बिसोटा और आसपास के ग्रामीण नानकमत्ता कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बेधड़क चल रहा स्मैक का कारोबार ही इस प्रकार के संगीन अपराधों की मुख्य वजह है।

मूसलाधार बारिश में डटी रहीं महिलाएं

प्रदर्शन के दौरान मौसम बिगड़ने और तेज बारिश शुरू होने के बावजूद आंदोलन का जज्बा कम नहीं हुआ। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं हाथों में छाते लेकर कोतवाली प्रांगण में जमी रहीं। अधिकारियों की शुरुआती समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े रहे कि जब तक फरार मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे।

इस विरोध प्रदर्शन में विधायक भुवन कापड़ी के साथ स्थानीय ग्राम प्रधान जमुना देवी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य दया किशन कॉलोनी, ग्राम प्रधान नरेश सिंह राणा, रेखा राणा और मंजू राणा सहित क्षेत्र की अनगिनत महिलाएं मुस्तैदी से शामिल हुईं।

24 घंटे का अल्टीमेटम

कोतवाली प्रभारी संजय पाठक ने आक्रोशित ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर स्थिति को संभाला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि 24 घंटे के भीतर फरार मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और सभी नामजद अभियुक्तों पर कठोर कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी। पुलिस की ओर से मिली समयसीमा के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना स्थगित किया, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय वक्त में कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो वे फिर से उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।