Dharm Desk – Narasimha Jayanti 2026 : शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी के मुकदमे, आर्थिक संकट या अनजाने भय से जूझ रहे लोगों के लिए आज यानी 30 अप्रैल का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. आज नरसिंह जयंती मनाई जा रही है, जो भगवान नरसिंह की आराधना का विशेष पर्व है.

पूजा करने पर जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो सकती हैं
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों के जीवन में लगातार शत्रु बाधाएं आ रही हैं, कोर्ट केस लंबे समय से उलझे हुए है. कर्ज और आर्थिक संकट से राहत नहीं मिल रही, उनके लिए यह दिन विशेष उपाय करने का अवसर है. भगवान नरसिंह को संकटों से रक्षा करने वाला देवता है, जिन्होंने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए राक्षस हिरण्यकश्यप का वध किया था.
पूजा करने का शुभ मुहूर्त
इस वर्ष चतुर्दशी तिथि 29 अप्रैल की शाम 7:51 बजे से शुरू होकर 30 अप्रैल रात 9:12 बजे तक रहेगी. पूजा के लिए मध्याह्न समय सदोपहर 1:38 बजे तक और सायंकाल 4:17 बजे से 6:56 बजे तक शुभ माना गया हैं. खास बात यह है कि भगवान नरसिंह का प्राकट्य गोधूली बेला में हुआ था, इसलिए शाम की पूजा को विशेष फलदायी बताया गया है.
इस विधि से करें भगवान नरसिंह की पूजा
आज गुरुवार का संयोग और ‘रवि योग’ का निर्माण इस पर्व के महत्व को और बढ़ा रहा है. गुरुवार भगवान विष्णु को समर्पित दिन होता है, ऐसे में पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान नरसिंह का अभिषेक गंगाजल और पंचामृत से करना चाहिए. साथ ही सत्तू, तिल और गुड़ का दान करना शुभ माना गया है. अगले दिन व्रत का पारण कर जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

