दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा राष्ट्र देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था, वहीं नर्मदापुरम में स्थानीय जिला प्रशासन की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता रवैया का शिकार मासूम बच्चे हो गए। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में पुलिस परेड ग्राउंड प्रशासनिक नाकामी के कारण दलदल और गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका था। इसके बावजूद नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चों की उसी कीचड़ और गंदे पानी के बीच अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने के लिए मजबूर किया गया।
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बदहाल व्यवस्था पर बच्चों के जज्बे को सलाम
समारोह के दौरान कीचड़ में फिसलते और गंदे पानी से सराबोर होते हुए भी नौनिहालों ने जिस तरह हाथों में तिरंगा थामकर प्रस्तुति दी, उसने वहां मौजूद हर नागरिक का दिल जीत लिया।

इस अवसर पर बच्चों के सिर पर राष्ट्रभक्ति का ऐसा जुनून सवार था कि न तो उन्हें कपड़े खराब होने का डर था और ना ही गिरकर चोटिल होने का खौफ। ऐसे में सवाल उठता है कि लाखों रुपये के बजट वाले इस भव्य आयोजन में जिला प्रशासन मासूम बच्चों को एक साफ और सुरक्षित मैदान तक मुहैया क्यों नहीं करा सका?

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साइलेंट मोड पर मंत्री विश्वास सारंग
आपको बता दें कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग शामिल हुए थे। आयोजन समाप्त होने के बाद जब मीडिया ने ग्राउंड के इस कीचड़ कांड और मासूमों को हुई परेशानी पर मंत्री जी से तीखे सवाल दागे तो वे बड़ी सफाई से सवालों को टालते और बचते नजर आए।
जिस नाकामी पर मंत्री जी को मंच से ही लापरवाह अधिकारियों की क्लास लगानी चाहिए थी, वहां चुप्पी साध लेना प्रशासनिक लापरवाही को शह देने जैसा है। मासूम बच्चों के अटूट हौसले के आगे सिस्टम की यह नाकामी और संवेदनहीनता बेहद शर्मनाक है।

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