इन्द्रपाल सिंह, इटारसी। मध्य प्रदेश के इटारसी सहकारी उपभोक्ता भंडारों के संचालन में कथित वित्तीय अनियमितताओं और जालसाजी के मामले में दो सगे भाई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी कांग्रेस नेताओं ने सहकारी समितियों की बैठकों के कार्यवृत्त और अन्य शासकीय अभिलेखों में कथित रूप से सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए।

जानकारी के मुताबिक, शासन से प्राप्त राशि के वितरण में अनियमितता बरती गई और हानि पहुंचाई गई। पुलिस ने नगरपालिका में भाजपा पार्षद और सभापति राकेश जाधव की शिकायत पर जांच की। जांच के बाद सूरजगंज इटारसी निवासी प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार उपाध्याय और उनके भाई जिला कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी अमोल उपाध्याय के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और गबन समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

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इटारसी स्थित स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार और रामनारायण उपभोक्ता भंडार में फर्जी तरीके से अध्यक्ष बनकर शासकीय दस्तावेजों में कूट रचना, जालसाजी एवं आर्थिक अनियमितता कर शासन को आर्थिक राजस्व हानि पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार इटारसी की प्रथम बैठक 27 नवंबर 2007 और 28 सितंबर 2014 को हुई। जिसमें अमोल उपाध्याय ने अन्य सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर शासकीय अभिलेख तैयार किए और शासन से प्राप्त होने वाले सदस्यों के अंश लाभ का वितरण न कर गबन किया गया।

रामनारायण उपभोक्ता भंडार इटारसी की प्रथम बैठक 21 जनवरी 2009, 27 जनवरी 2016 की बैठक में 61 व्यक्तियों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और 20 सितंबर 2005 की बैठक में भी राजकुमार उपाध्याय ने अन्य सदस्यों के जाली हस्ताक्षर कर स्वयं को फर्जी अध्यक्ष दर्शाया। फिलहाल इस मामले में सिटी पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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