कुंदन कुमार/पटना। आगामी 10 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में एनडीए (NDA) के घटक दलों के मंत्रियों, विधायकों और प्रमुख नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक को आगामी चुनावी रणनीति और सरकार के कामकाज की समीक्षा के दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।
बैठक का मुख्य एजेंडा: विकास और भविष्य की कार्ययोजना
इस प्रस्तावित बैठक को लेकर बिहार सरकार के मंत्री दामोदर रावत ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में चलाई जा रही जन-कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री इस बैठक के दौरान सरकार की भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर अपने मंत्रियों और विधायकों को विशेष दिशा-निर्देश देंगे।
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शिरकत करेंगे। सरकार का मुख्य जोर योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने पर होगा।
प्रशांत किशोर पर बोले मंत्री दामोदर रावत
बैठक के एजेंडे के अलावा, मीडिया द्वारा प्रशांत किशोर (PK) और उनके राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े एक सवाल पर मंत्री दामोदर रावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर का राजनीतिक प्रभाव सीमित है। मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले भी प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा किया था जिसका हश्र क्या हुआ यह किसी से छिपा नहीं है। उन्हें कितने वोट मिले यह सर्वविदित है।
दामोदर रावत ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से एनडीए को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता का विश्वास एनडीए के साथ है और आने वाले चुनावों में जीत केवल एनडीए के उम्मीदवार की ही सुनिश्चित है।
एनडीए की रणनीति और आगामी चुनौतियां
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बैठक आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए एनडीए की तैयारियों का हिस्सा है। सरकार अपने सुशासन और विकास के एजेंडे को लेकर जनता के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करना चाहती है। विपक्ष की तमाम घेराबंदी के बीच एनडीए का यह शक्ति प्रदर्शन और एकजुटता का संदेश भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

