राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत में नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपित पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे को पेश कर सीबीआई ने दोनों की 14 दिन की कस्टडी मांगी। अदालत ने शाम पांच बजे तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने दलील दी कि दोनोंं एक-दूसरे के लगातार संपर्क में थे और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। कोर्ट ने शाम को दोनों आरोपितों को 10 दिनों की सीबीआई रिमांड में भेजने का आदेश दिया गया।
नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे और प्रह्लाद कुलकर्णी को राउज़ एवेन्यू कोर्ट से ले जाया जा रहा है। कोर्ट ने NEET UG परीक्षा पेपर लीक मामले में उन्हें 10 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी ने शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने मास्टरमाइंड समेत दोनों आरोपियों को 10 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत ने यह आदेश दिया। जानकारी के अनुसार, केमिस्ट्री के शिक्षक पीवी कुलकर्णी को नीट पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सीबीआई ने उसे और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया था।
सीबीआई ने तर्क दिया कि पीवी कुलकर्णी पेशे से रसायन विज्ञान का प्रोफेसर है और मामले का मुख्य साजिशकर्ता है। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांधरे एक-दूसरे के संपर्क में थे। सभी इस पेपर लीक साजिश में शामिल थे। केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरोपियों की कस्टडी मांगते हुए कहा कि जांच के सिलसिले में आरोपियों को देश के अन्य हिस्सों में ले जाना है, इसलिए लंबी कस्टडी की जरूरत है।
मनीषा वाघमारे की ओर से पेश वकील ने सीबीआई की कस्टडी मांग का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया। उन्होंने दावा किया कि पुणे पुलिस ने मनीषा को 24 घंटे से अधिक समय तक अपनी कस्टडी में रखा.
पीवी कुलकर्णी के वकील ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने प्रश्नपत्र तैयार किया भी था तो उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनके द्वारा तैयार किए गए सवाल एनटीए द्वारा चयनित किए जाएंगे या नहीं।
सीबीआई ने इन दलीलों को खारिज करते हुए दलील दी कि मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था और अगले दिन ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। एजेंसी ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। फिलहाल, पीवीर कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे दोनों को 10 दिनों के लिए सीबीआई की रिमांड में भेज दिया गया है। अब सीबीआई इन दोनों से पेपर को देशभर में फैलाने के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

