नेपाल सरकार ने फैसला किया है कि नए डिजाइन वाले एक रुपये के सिक्के पर देश का वही नक्शा रहेगा, जिसमें लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है. भारत इन क्षेत्रों को उत्तराखंड का हिस्सा मानता है और आपत्ति भी जता चुका है. इस फैसले से भारत-नेपाल सीमा विवाद फिर चर्चा में आ गया है. इससे पहले राष्ट्र बैंक ने बौद्ध मठ का चित्र की तस्वीर वाला डिजाइन मंजूरी के लिए भेजा था.
नेपाल सरकार ने विवादित नक्शे वाले एक रुपये के नए सिक्के के डिजाइन को मंजूरी दे दी है, जिसमें भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र शामिल हैं.
नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने शनिवार को बताया कि केंद्रीय बैंक एक रुपये का नया सिक्का जारी करेगा. यह सिक्का आकाश भैरव की तस्वीर के साथ जारी होगा, जिस पर भारत ने पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. बैंक को अभी तक सिक्के का अंतिम डिजाइन आधिकारिक तौर पर नहीं मिला है.
यह विवाद पहली बार मई 2020 में चर्चा में आया था. उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली की सरकार ने नेपाल का नया आधिकारिक नक्शा जारी किया था. भारत का यह भी कहना है कि इस मुद्दे का समाधान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के जरिए होना चाहिए.
नेपाल राष्ट्र बैंक के अनुसार, नए सिक्के का आकार और धातु पहले वाले सिक्के से अलग होगी. नया सिक्का पहले की तुलना में छोटा और हल्का होगा, लेकिन उस पर नेपाल का विवादित नक्शा ही छापा जाएगा.
आश्चर्य की बात यह है कि 20 जुलाई 2026 को नेपाल सरकार ने फैसला किया था कि एक रुपये के नए सिक्के पर एक बौद्ध मठ (मोनास्ट्री) की तस्वीर लगाई जाएगी. विपक्षी दलों और आम लोगों के विरोध के कारण सरकार का कहना है कि बढ़ते दबाव के बाद यह फैसला बदल दिया गया.
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