दिल्ली-गुरुग्राम को जोड़ने वाले द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) पर रोजाना लगने वाले भारी जाम से परेशान वाहन चालकों के लिए राहत की खबर। NHAI ने एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक (Traffic)जाम की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके तहत जल्द ही कंसल्टेंट (Consultant) नियुक्त किया जाएगा, जो पूरे रूट का तकनीकी अध्ययन करेगा। कंसल्टेंट एक्सप्रेसवे की मौजूदा खामियों, ट्रैफिक दबाव और बाधाओं का विश्लेषण करेगा। इसके बाद जाम कम करने के लिए जरूरी ढांचागत बदलावों और सुधारों के सुझाव दिए जाएंगे।
उत्तरी और पश्चिमी दिल्ली के द्वारका, पालम, उत्तम नगर और नजफगढ़ जैसे इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना नौकरी और व्यवसाय के लिए गुरुग्राम आते-जाते हैं। इसके अलावा हरियाणा के आसपास के जिलों से भी हजारों वाहन इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग रहा है, जिससे यात्रियों का रोजाना करीब 40 से 50 मिनट अतिरिक्त समय बर्बाद हो रहा है। पीक आवर्स के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। इस समस्या को देखते हुए NHAI ने जाम का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
इंजीनियरिंग खामियों से बढ़ रही परेशानी
रोजाना लगने वाले भीषण जाम को लेकर अब लोगों ने इसकी बड़ी वजह इंजीनियरिंग खामियों को बताया है। यात्रियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे की डिजाइन और ट्रैफिक मर्जिंग सिस्टम में कमी होने के कारण रोजाना लंबा जाम लग रहा है। स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों के मुताबिक, गुरुग्राम की ओर जाने वाले वाहन जब टनल के जरिए निकलते हैं, उसी जगह आगे NH-48 से आने वाला ट्रैफिक भी जुड़ जाता है। धौला कुआं से रजोकरी रोड की तरफ आने वाले वाहनों का दबाव इतना अधिक होता है कि टनल से बाहर निकलने वाले वाहन लंबे समय तक फंसे रहते हैं।
लोगों का कहना है कि टनल से बाहर निकलने का रास्ता पर्याप्त रूप से खुला और व्यवस्थित होना चाहिए था, लेकिन मौजूदा मर्जिंग पॉइंट पर अवरोध जैसी स्थिति बन जाती है। इसी वजह से पीक आवर्स में यहां कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। इस जाम के कारण रोजाना 40 से 50 मिनट अतिरिक्त समय गंवाना पड़ रहा है, जिससे ऑफिस आने-जाने वालों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
रोज बढ़ रहा पेट्रोल-डीजल खर्च
लंबे समय तक वाहनों के रेंगने और बार-बार रुकने से पेट्रोल-डीजल की खपत बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि जाम की वजह से उन्हें रोजाना करीब 100 से 120 रुपये तक अतिरिक्त ईंधन खर्च करना पड़ रहा है। महीनेभर में यह अतिरिक्त खर्च करीब 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच जाता है, जिससे नौकरीपेशा और रोजाना सफर करने वाले लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने खुद किया निरीक्षण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा (Harsh Malhotra) ने खुद अपनी टीम के साथ पीक ऑवर्स में मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने माना कि एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या बेहद गंभीर है। उन्होंने खुद मौके पर जाकर ट्रैफिक हालात देखे हैं और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए NHAI को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एक्सप्रेसवे की मौजूदा संरचना, ट्रैफिक दबाव और तकनीकी खामियों का अध्ययन कराने के लिए कंसल्टेंट की मदद ली जाएगी। इसके आधार पर जाम कम करने के लिए जरूरी ढांचागत सुधारों पर काम शुरू किया जाएगा।
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