अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जी-7 में हुई भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात को लेकर बड़ा दावा किया है. गोर ने दावा किया कि, जी-7 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मुलाकात से पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने मीडिया डावर कोई भी सवाल न करने की गुजारिश की थी. गोर ने दावा किया कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय की इस इच्छा के बारे में जब डोनाल्ड ट्रंप को बताया तो उन्होंने कहा, ‘श्योर, नो प्रॉब्लम’.

पूरे सवाल-जवाब सेशन के दौरान चुप थे मोदी

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप फ़्रांस के एवियॉन में जून में हुई जी-7 समिट में मिले थे, जहां पत्रकारों ने डोनाल्ड ट्रंप से कई सवाल पूछे थे. उनके ठीक बगल में पीएम मोदी भी बैठे थे लेकिन वो इस पूरे सवाल-जवाब सेशन के दौरान चुप थे और सारी बातचीत पत्रकारों और ट्रंप के बीच हुई थी.

गोर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फिर से वो पुरानी बहस चल पड़ी है जिसमें अक्सर पीएम मोदी के आलोचक ये आरोप लगाते रहे हैं कि वो प्रेस कॉन्फ़्रेंस से बचते हैं. साथ ही विदेशी दौरों में भी उनके प्रेस कॉन्फ़्रेंस ना करने की चर्चा फिर से होने लगी है.

गोर ने असल में क्या कहा था?

गोर ने कहा कि, भारतीय विदेश मंत्रालय की एक मांग थी. उन्होंने हमसे कहा था कि मीडिया को अंदर आने देते हैं, लेकिन पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करते. मैंने राष्ट्रपति से कहा कि भारतीय पक्ष सवाल-जबाव नहीं चाहता. उन्होंने कहा-ठीक है, कोई समस्या नहीं. तो बैठक शुरू हुई, मीडिया अंदर आया. वहां करीब 50 कैमरे रहे होंगे. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी आस-पास बैठे थे. दोनों ने कुछ मिनट तक बात की. जैसे ही वे अपनी बात पूरी करते हैं, राष्ट्रपति सबसे पहले कैमरे की ओर देखते हैं और कहते हैं, ‘कोई सवाल?’ और इसके बाद सब कुछ खुल गया. 45 मिनट की प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई और हर मुद्दा सामने आया.”

गोर के दावे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

सर्जियो गोर के इस बयान पर अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि, यह देखना दुखद है कि नरेंद्र मोदी के शासन में भारत की क्या हालत हो गई है। कभी भारत एक ऐसी ताक़त था, जिसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल था। आज उसे हल्के में लिया जाता है। मोदी प्रेस की आज़ादी से इतना डरते क्यों हैं-देश के अंदर और बाहर में भी?

सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं

सर्जियो गोर के इस बयान पर अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय या मोदी सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन, सरकार के सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल उनके अप्रत्याशित व्यवहार को लेकर सतर्क रहते हैं. दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ उनकी बातचीत के दौरान भी ऐसा व्यवहार देखने को मिला. इसी वजह से भारत की ओर से सावधानी बरती जाती रही है.

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