अनुज कुमार पाण्डेय, गोपालगंज। बिहार एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराज्यीय ऑपरेशन में एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी मनिंद्र मिश्रा को यूपी के पॉली से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधी मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र स्थित सुल्तानपुर गांव का निवासी है। वह पिछले लंबे समय से बिहार और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में कई गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

किशोरावस्था से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय

मनिंद्र मिश्रा का आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है। उसने किशोरावस्था में ही अपराध की राह चुन ली थी। उसने गोपालगंज शहर के प्रमुख मिष्ठान विक्रेता ‘चौधरी जी’ की दुकान पर बमबारी कर क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। इसके बाद से वह लगातार कई संगीन वारदातों में शामिल रहा, जिसके चलते बिहार सरकार ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

​डॉक्टर से मांगी थी 12 लाख की रंगदारी

मनिंद्र पर रंगदारी और हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज हैं। वह भोरे के प्रख्यात चिकित्सक डॉ. संदीप कुमार से 12 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में मुख्य आरोपी है। इस घटना के बाद से ही बिहार पुलिस और एसटीएफ उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी।

​लालाछापर लूटकांड का मुख्य साजिशकर्ता

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि चर्चित लालाछापर लूटकांड की पूरी पटकथा मनिंद्र मिश्रा ने ही उमरगांव में बैठकर रची थी। इस वारदात के दौरान स्थानीय ग्रामीणों के हत्थे चढ़ने से गोलू मिश्रा सहित दो अपराधी मारे गए थे, जबकि अपराधियों द्वारा चलाई गई गोली से एक बेकसूर राहगीर की भी जान चली गई थी।

​पूछताछ में नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

गिरफ्तारी के तुरंत बाद बिहार एसटीएफ और भोरे थाने की पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में ही उससे गहन पूछताछ की है। पुलिस मनिंद्र के गिरोह के अन्य सदस्यों, उन्हें मिलने वाले पनाहगाहों और बिहार-यूपी सीमा पर फैले उसके पूरे नेटवर्क के बारे में अहम सुराग जुटा रही है। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाया जाएगा।

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