Pachpadra Refinery Fire News: राजस्थान के बालोतरा से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर आ रही है। कल, यानी 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे, वहां सोमवार दोपहर को भीषण आग लग गई। इस हादसे के बाद दिल्ली से लेकर जयपुर तक हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पीएम मोदी का दौरा स्थगित कर दिया गया है।

लंच टाइम में चीख उठा सायरन, भागने लगे कर्मचारी

दरअसल, हादसा सोमवार दोपहर करीब 2 बजे हुआ। सूत्रों के अनुसार जिस वक्त आग लगी, ज्यादातर स्टाफ लंच कर रहा था। अचानक मशीनों के बीच घर्षण (Friction) हुआ और निकली एक चिंगारी ने पूरे प्रोसेस प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया। धुआं उठते ही रिफाइनरी में इमरजेंसी सायरन गूंजने लगे। सिक्योरिटी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्टाफ को बाहर निकाला। क्रूड ऑयलिंग ज्यादा होने के कारण लपटें तेजी से फैलीं।

कैसे भड़की आग?

ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी का पूरा दारोमदार CDU (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) और VDU (वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट) पर टिका है। सोमवार को जब मशीनों की टेस्टिंग चल रही थी, तब घर्षण की वजह से चिंगारी उठी। बता दें कि CDU यूनिट में पाइप लाइन से आने वाला कच्चा तेल सबसे पहले पहुंचता है। VDU यूनिट में बचे हुए तेल की फिर से रिफाइनिंग होती है। यही दोनों यूनिट रिफाइनरी का ‘दिल’ कही जाती हैं और दुर्भाग्य से आग इन्हीं के पास लगी।

12 हजार करोड़ का नुकसान और इटली वाला कंप्रेसर

गौरतलब है कि इस रिफाइनरी में इटली से लाया गया दुनिया का सबसे बड़ा 800 टन का कंप्रेसर लगा है। इंजीनियर्स का दावा है कि अगर आग पर 2 घंटे के भीतर काबू नहीं पाया जाता, तो करीब 12 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो जाती। हालांकि, इस हादसे से यूनिट्स को नुकसान पहुंचा है, जिसे ठीक करने में 4 महीने से लेकर 2 साल तक का समय लग सकता है।

सियासी गलियारों में हलचल और जांच के आदेश

पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर हादसा है और जांच की जरूरत है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी इस हादसे की चर्चा है, क्योंकि औद्योगिक सुरक्षा (Industrial Safety) को लेकर यहां के एक्सपर्ट्स भी इसे बड़ी लापरवाही मान रहे हैं। फिलहाल, पेट्रोलियम मंत्रालय ने जांच शुरू कर दी है और उद्घाटन की नई तारीख पर अभी सस्पेंस बरकरार है।

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