शब्बीर अहमद, भोपाल: मध्य प्रदेश में जेल व्यवस्था को अधिक मानवीय, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ी कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार ‘जेल सुधार अधिनियम-2024’ को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसके क्रियान्वयन हेतु ‘नियम-2026’ तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके परीक्षण और सुझाव के लिए चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति मात्र 10 कार्य दिवसों में अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी।

समिति में शामिल प्रमुख अधिकारी

सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव जयेंद्र कुमार विजयवर्गीय द्वारा इस विशेष समिति का गठन किया गया है। समिति में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:

मुकेश कुमार (प्रमुख सचिव, जेल विभाग)
लोकेश जाटव (सचिव, वित्त विभाग)
शिल्पा गुप्ता (सचिव, गृह विभाग)
मुकेश कुमार (सचिव, विधि विभाग)

इसके अलावा जेल विभाग के उप सचिव कमल नागर को भी इस समिति में शामिल किया गया है। समिति नियमों का बारीकी से परीक्षण कर आगामी 10 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपेगी।

नए कानून के तहत मिलेंगे ये अधिकार और सुविधाएं

प्रस्तावित नए जेल सुधार अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कैदियों को केवल सजा देना नहीं, बल्कि उनमें सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नए प्रावधानों के तहत- बंदियों को समय पर मुफ्त कानूनी सहायता, उच्च और बुनियादी शिक्षा प्राप्त करने के अवसर दिए जाएंगे। जेलों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। कौशल विकास (Skill Development): कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे।बंदियों के अपने परिजनों से संपर्क बनाए रखने के अधिकारों को और सुगम बनाया जाएगा।

तकनीक का इस्तेमाल और पुरानी व्यवस्था की विदाई

इस नए अधिनियम के लागू होने से जेलों में आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (पेशी व मुलाकात के लिए), टेलीमेडिसिन (स्वास्थ्य जांच) और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। इस नए और व्यापक कानून के अस्तित्व में आने के बाद जेल व्यवस्था से जुड़े पुराने तीन कानूनों की जगह यह आधुनिक व्यवस्था लेगी। सरकार का यह कदम प्रदेश की जेलों में मानवाधिकारों के संरक्षण और सुधारवादी दृष्टिकोण को एक नई दिशा देगा।

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Lifestyle Desk: आजकल बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ते प्रदूषण, तनाव, खानपान में पोषक तत्वों की कमी और गलत हेयर केयर रूटीन के कारण बालों का झड़ना, रूखापन और ग्रोथ रुकने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट के बजाय प्राकृतिक और घरेलू उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। इन्हीं उपायों में केले के छिलके का पानी भी काफी चर्चा में है। केले का छिलका आमतौर पर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन इसमें मौजूद कुछ पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट इसे ब्यूटी केयर में इस्तेमाल करने का एक दिलचस्प विकल्प बनाते हैं। आइए जानते हैं केले के छिलके का पानी कैसे तैयार करें और बालों की देखभाल में इसका इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।

केले के छिलके में मौजूद पोषक तत्व बालों के लिए क्यों हैं खास?

केले के छिलके में पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी6, विटामिन सी और विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा और पौधों के लिए उपयोगी माने जाते हैं। हालांकि, यह बात अभी वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुई है कि केले के छिलके को पानी में उबालने से ये सभी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में निकलकर बालों की जड़ों तक पहुंचते हैं या इससे बालों की ग्रोथ बढ़ती है।

फिर भी कुछ लोग इसे अपने घरेलू हेयर केयर रूटीन में शामिल करते हैं। इसका इस्तेमाल करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह बाल झड़ने का प्रमाणित इलाज नहीं है।

केले के छिलके का पानी बनाने का आसान तरीका

सबसे पहले दो अच्छी तरह पके हुए केलों के छिलके लें। इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि इन पर मौजूद धूल और गंदगी हट जाए। अब एक बर्तन में लगभग दो कप पानी डालें और उसमें केले के छिलके छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर डाल दें।इसे धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक उबालें। इसके बाद गैस बंद करके पानी को ठंडा होने दें। अब छिलकों को छानकर पानी अलग कर लें। आपका होममेड बनाना पील वॉटर तैयार है। इसे साफ बोतल में भरकर फ्रिज में रखें और जल्द इस्तेमाल करें। बदबू, रंग में असामान्य बदलाव या फफूंद नजर आने पर इसे फेंक दें।

बालों को धोने के बाद करें इस्तेमाल

केले के छिलके के पानी को शैंपू करने के बाद अंतिम रिंस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पहले बालों को सामान्य तरीके से शैंपू करें। इसके बाद तैयार पानी को बालों की लंबाई पर धीरे-धीरे डालें। कुछ मिनट बाद साफ पानी से बाल धो लें। पहली बार इस्तेमाल करते समय कम मात्रा लें और देखें कि बालों या स्कैल्प पर कोई परेशानी तो नहीं हो रही।

हेयर मास्क में मिलाकर लगाएं

अगर आपके बाल रूखे और बेजान हैं, तो केले के छिलके के पानी को अपने सामान्य हेयर मास्क में थोड़ी मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल कर सकती हैं। इसे बालों की लंबाई पर लगाएं और उत्पाद के निर्देशों के अनुसार धो लें। इससे बालों को अतिरिक्त नमी मिलने का अनुभव हो सकता है, लेकिन इसे बालों की मजबूती या ग्रोथ बढ़ाने का प्रमाणित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।

स्कैल्प पर इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी

कुछ लोग केले के छिलके के पानी को स्कैल्प पर भी लगाते हैं। हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इससे जलन या एलर्जी हो सकती है। इसलिए सीधे सिर पर लगाने से पहले हाथ के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें। खुजली, लालिमा या जलन होने पर इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। स्कैल्प पर घाव या संक्रमण होने पर ऐसे घरेलू प्रयोग करने से बचें।

बालों की बेहतर देखभाल के लिए अपनाएं सही आदतें

सिर्फ किसी घरेलू नुस्खे से बालों की सभी समस्याएं दूर नहीं हो सकतीं। बालों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार लेना भी बेहद जरूरी है। खाने में प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन से भरपूर चीजें शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं, बालों को बार-बार हीट स्टाइलिंग से बचाएं और जरूरत के अनुसार कंडीशनर का इस्तेमाल करें। गीले बालों को जोर से रगड़ने और बहुत कसकर बांधने से भी बचें।

कब डॉक्टर से लें सलाह?

अगर बाल लगातार झड़ रहे हैं, सिर में खाली जगह दिखाई देने लगी है या स्कैल्प में खुजली और पपड़ी की समस्या बनी हुई है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। इसके पीछे आयरन की कमी, थायरॉइड, हार्मोनल बदलाव, तनाव या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

ध्यान दें: केले के छिलके का पानी एक कम खर्च वाला घरेलू प्रयोग जरूर है, लेकिन इससे बालों की ग्रोथ बढ़ने या हेयर फॉल रुकने के ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। स्वस्थ बालों के लिए सही खानपान, नियमित देखभाल और समस्या के वास्तविक कारण को समझना सबसे ज्यादा जरूरी है।

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रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. मथुरा-वृंदावन में दर्शन कर काशी विश्वनाथ के दर्शन की आस लेकर निकले यात्रियों का सफर रविवार को हादसे में बदल गया. लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ऐहार के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर एक मिनी बस अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में महिलाओं और बच्चों समेत एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

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बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान चालक को झपकी आ गई, जिससे बस पर से नियंत्रण छूट गया और वह पलट गई. अचानक हुए हादसे से बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई. दर्शन के लिए निकले परिवारों के बीच अफरा-तफरी फैल गई और कई लोग घायल अवस्था में बस के भीतर फंस गए.

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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा. स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया. सभी घायल हावड़ा और कोलकाता के निवासी बताए जा रहे हैं.

Jind Woman Death Case : जींद। हरियाणा के जींद जिले के कारखाना गांव में 21 वर्षीय विवाहिता की मौत का मामला सामने आया है। करवाचौथ के दिन ईशा ने अपने भाई को पति सोनू और एक अन्य महिला के बीच हुई कथित वॉट्सऐप बातचीत के स्क्रीनशॉट भेजे थे। इसके अगले दिन घर में उसका शव मिला। घटना के बाद मायके पक्ष ने पति और ससुराल के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति सोनू, ससुर बिल्लू और सास कविता के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भाई को भेजे थे बातचीत के स्क्रीनशॉट

ईशा के भाई आशीष के मुताबिक, 29 अक्टूबर को करवाचौथ के दिन उसकी बहन ने उसे पति की एक अन्य महिला के साथ बातचीत के स्क्रीनशॉट भेजे थे। आशीष का दावा है कि बातचीत में सोनू उस महिला से प्यार का इजहार कर रहा था और उसका हालचाल पूछ रहा था।

भाई ने बताया कि उनके पिता हृदय रोग से पीड़ित हैं। इसी वजह से उसने इस बातचीत के बारे में परिवार में किसी को नहीं बताया। बाद में ससुराल पक्ष से फोन आया कि ईशा की मौत हो गई है।

शादी के बाद सामने आई रिश्ते की बात

ईशा की मां ने आरोप लगाया कि सोनू का शादी से पहले ही किसी दूसरी महिला से संबंध था। शादी के बाद उसने ईशा को बताया था कि वह उस महिला से प्यार करता है और यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई है।

परिजनों का आरोप है कि सोनू के माता-पिता को भी इस रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन शादी से पहले यह बात उनसे छिपाई गई।

तीन महीने तक मायके में रही थी ईशा

मां के अनुसार, शादी के बाद से ही ईशा परेशान रहती थी और अपनी तकलीफ परिवार को बताती थी। इसी परेशानी के चलते वह करीब तीन महीने तक मायके में भी रही थी।

मां का कहना है कि अगर उन्हें बेटी के साथ ऐसी घटना होने का अंदेशा होता तो वे उसका तलाक करवा देतीं। बेटी की मौत से परिवार सदमे में है।

दिसंबर 2025 में हुई थी शादी

परिजनों के अनुसार, पानीपत के राजा खेड़ी की रहने वाली ईशा की शादी 4 दिसंबर 2025 को जींद के कारखाना गांव निवासी सोनू से हुई थी। सोनू सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है, जबकि उसके पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं।

परिवार ने ईशा के दो महीने की गर्भवती होने का भी दावा किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

सदर थाना प्रभारी सतीश कुमार के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति, ससुर और सास के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच में शव पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। गर्भवती होने की बात की भी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

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चमोली. जोशीमठ के पास 30 अक्टूबर को हुए दुखद हेलीकॉप्टर क्रैश मामले में राहत एवं बचाव दलों ने शवों को बरामद कर लिया है. दल ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी 6 लोगों (पायलट और 5 श्रद्धालु) के पार्थिव शरीरों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकालकर सड़क मार्ग तक पहुंचा दिया गया है.

खड़ी चट्टानों के बीच बड़े पैमाने पर रेस्क्यू का कार्य किया जा रहा था. जिसको भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF), नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), उत्तराखंड पुलिस, जिला प्रशासन एवं वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से संचालित किया. कड़कड़ाती ठंड और दुर्गम रास्तों की परवाह न करते हुए, जांबाज जवानों ने पैदल ही दुर्घटनास्थल तक पहुंच बनाई और 30 घंटे से ज्यादा समय के बाद मलबे में दबे सभी छह शवों को बाहर निकाला.

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बता दें कि 30 अक्टूबर को ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर वीटी-एचसीएक्स बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा के लिए रवाना हुआ था. जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया था. बाद में पांडुकेश्वर क्षेत्र के चाई गांव के ऊपर पहाड़ी पर इसका मलबा मिला था. हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट समेत छह लोगों की मौत हुई थी. रेस्क्यू अभियान के दौरान ज्योतिर्मठ तहसील के अंतर्गत पांडुकेश्वर के चाई गांव के ऊपर पहाड़ी पर हेलीकॉप्टर का मलबा मिला था. दुर्घटनास्थल पर हेलीकॉप्टर के टुकड़े बिखरे हुए थे.

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वालों में दिल्ली निवासी 48 वर्षीय कैप्टन हिमांशु सभरवाल शामिल हैं. उनके अलावा कर्नाटक के पांच यात्रियों की भी मौत हुई है.

मृतकों की सूची इस प्रकार है:

पायलट

–कैप्टन हिमांशु सभरवाल, उम्र 48 वर्ष, निवासी दिल्ली.

यात्री

  • प्रताप, उम्र 41 वर्ष, निवासी कर्नाटक.
  • अरुण सालुंके, उम्र 44 वर्ष, निवासी कर्नाटक, सीसीबी इंस्पेक्टर.
  • वीबी शंकर गौड़ा, उम्र 39 वर्ष, निवासी कर्नाटक.
  • सुधीर के, उम्र 50 वर्ष, निवासी कर्नाटक.
  • एचएस नटराजा, उम्र 51 वर्ष, निवासी कर्नाटक.

Lifestyle Desk: भारतीय घरों में चावल रोजाना बनने वाले भोजन का अहम हिस्सा हैं। दाल-चावल हो, राजमा-चावल या फिर कढ़ी-चावल, ज्यादातर घरों में चावल के बिना खाना अधूरा लगता है। कई बार घर में जरूरत से ज्यादा चावल बन जाते हैं, जिन्हें फेंकने के बजाय लोग फ्रिज में रख देते हैं और अगले दिन गर्म करके खा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पके हुए चावल को फ्रिज में कितने दिनों तक रखना सुरक्षित है ? अगर चावल को सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो ये आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है, जिससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है। आइए जानते हैं पके हुए चावल को सुरक्षित रखने और दोबारा खाने का सही तरीका।

कितने दिनों तक फ्रिज में रख सकते हैं पके हुए चावल?

खाद्य सुरक्षा से जुड़े सामान्य दिशा-निर्देशों के अनुसार, पके हुए चावल को फ्रिज में 24 घंटे के भीतर इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। कुछ खाद्य सुरक्षा संस्थाएं सही तरीके से ठंडा करके 3 से 4 दिनों तक फ्रिज में रखे गए बचे हुए खाने को सुरक्षित मानती हैं, लेकिन चावल के मामले में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

दरअसल, कच्चे चावल में बैसिलस सेरियस (Bacillus cereus) नाम का बैक्टीरिया मौजूद हो सकता है। इसके बीजाणु पकाने के बाद भी जीवित रह सकते हैं। अगर पके हुए चावल को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ दिया जाए, तो ये तेजी से बढ़ सकते हैं और ऐसे टॉक्सिन बना सकते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।

पकने के कितनी देर बाद चावल को फ्रिज में रखें?

पके हुए चावल को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें समय पर फ्रिज में रखा जाए। चावल को पकाने के बाद कमरे के तापमान पर ज्यादा देर तक न छोड़ें।

चावल पकने के बाद उन्हें जल्द से जल्द ठंडा करने की कोशिश करें।
चावल को बड़े बर्तन में रखने के बजाय छोटे और उथले कंटेनर में फैलाकर रखें, ताकि वे जल्दी ठंडे हो सकें।
पकने के एक घंटे के भीतर चावल को फ्रिज में रख देना बेहतर है। किसी भी स्थिति में उन्हें दो घंटे से ज्यादा कमरे के तापमान पर न छोड़ें।अगर मौसम बहुत गर्म है और तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है, तो एक घंटे के भीतर फ्रिज में रखना जरूरी है।चावल को फ्रिज में 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर रखें।
ध्यान रखें कि चावल को पूरी तरह कमरे के तापमान तक ठंडा होने का इंतजार करना जरूरी नहीं है। उन्हें छोटे हिस्सों में बांटकर सीधे फ्रिज में रखा जा सकता है।

दोबारा गर्म करते समय इन बातों का रखें ध्यान

फ्रिज में रखे चावल खाने से पहले उन्हें सही तरीके से गर्म करना भी जरूरी है। इसके लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखें।

अच्छी तरह गर्म करें

चावल को दोबारा गर्म करते समय यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह गर्म हों और हर हिस्से से भाप निकल रही हो। संभव हो तो उनका अंदरूनी तापमान 74 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाएं।

थोड़ा पानी डाल सकते हैं

चावल को एक बार फ्रिज से निकालकर जितनी जरूरत हो, उतना ही गर्म करें। बार-बार गर्म करने और ठंडा करने से बचें।

बार-बार गर्म न करें

चावल दोबारा गर्म करते समय अगर वे सूखे लग रहे हैं, तो थोड़ा पानी डालकर गर्म कर सकते हैं। इससे उनकी नमी बनी रहती है।

माइक्रोवेव में गर्म करते समय मिलाएं

माइक्रोवेव में चावल गर्म कर रहे हैं, तो बीच में उन्हें अच्छी तरह चलाएं, ताकि सभी हिस्से समान रूप से गर्म हो सकें।

इन संकेतों को देखकर समझें कि चावल खाने लायक नहीं हैं

अगर चावल में खट्टी या अजीब गंध आ रही है, उनका रंग बदल गया है या वे असामान्य रूप से चिपचिपे हो गए हैं, तो उन्हें खाने से बचें। हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि चावल में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया या उनके टॉक्सिन हमेशा गंध, स्वाद या रंग से पता नहीं चलते। इसलिए केवल चावल को सूंघकर या चखकर उनकी सुरक्षा का फैसला न करें।अगर चावल रातभर बाहर रखे रहे हैं या उन्हें फ्रिज में रखने में काफी देर हो गई है, तो दोबारा गर्म करके खाने का जोखिम न लें। गर्म करने से कुछ बैक्टीरिया नष्ट हो सकते हैं, लेकिन पहले से बने टॉक्सिन जरूरी नहीं कि नष्ट हों।

चावल स्टोर करते समय न करें ये गलतियां

1-गर्म चावल को लंबे समय तक किचन के स्लैब पर खुला न छोड़ें।
2-चावल को बिना ढके फ्रिज में न रखें। हमेशा साफ और एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें।
3-पुराने चावल में नए पके हुए चावल मिलाकर स्टोर न करें।
4-फ्रिज से बार-बार पूरा कंटेनर बाहर निकालने के बजाय जरूरत के मुताबिक चावल निकालें।
5-अगर चावल के सुरक्षित रखे जाने के समय को लेकर संदेह है, तो उन्हें खाने से बचें।

सेहत के लिए छोटी-सी सावधानी है जरूरी

बचे हुए चावल को अगले दिन खाना गलत नहीं है, लेकिन उन्हें सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है। चावल पकाने के बाद जल्दी ठंडा करें, समय पर फ्रिज में रखें और दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को बासी या गलत तरीके से रखे गए चावल खिलाने से बचना चाहिए। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर आप खाने की बर्बादी रोकने के साथ-साथ अपने परिवार को फूड पॉइजनिंग के खतरे से भी बचा सकते हैं।

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कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी एक बार फिर देखने को मिली है। जबलपुर के कोसमघाट स्थित श्रीराम फ्यूल स्टेशन पर बदमाशों ने पिस्तौल और चाकू की नोक पर सनसनीखेज लूट की वारदात को अंजाम दिया। खास बात यह है कि बदमाश पहले सामान्य ग्राहकों की तरह बाइक में पेट्रोल डलवाने पहुँचे थे, लेकिन सेल्समैन के पास मोटी रकम देखने के बाद उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।

पैसो का अंदाजा लगाकर की लूट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोसमघाट स्थित श्रीराम फ्यूल स्टेशन पर दो बाइकों पर सवार होकर 3 से 4 बदमाश पहुंचे थे। बदमाशों ने पहले अपनी गाड़ियों में पेट्रोल भरवाया और सेल्समैन को पैसे देकर भुगतान किया। इस दौरान उन्होंने बड़ी चालाकी से यह अंदाजा लगा लिया कि सेल्समैन के पास नकदी (मोटी रकम) मौजूद है। मौका पाकर बदमाशों ने अपनी असलियत दिखाई और सेल्समैन को पिस्तौल और चाकू की नोक पर डरा-धमकाकर गल्ले में रखी नकदी लूट ली। चंद मिनटों में वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।

CCTV में कैद हुई बदमाशों की करतूत

पेट्रोल पंप पर हुई इस दुस्साहसिक लूट की पूरी वारदात वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ-साफ कैद हो गई है। फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि किस तरह बेखौफ बदमाश हथियारों के बल पर कर्मचारी को डरा रहे हैं और लूटपाट कर रहे हैं। पुलिस अब इस सीसीटीवी फुटेज को मुख्य आधार बनाकर आरोपियों के हुलिया और उनकी बाइकों की शिनाख्त करने में जुटी है।

फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी

पेट्रोल पंप पर हथियार के बल पर लूट की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। पुलिस ने सेल्समैन और पंप संचालकों से पूछताछ कर मामला दर्ज कर लिया है। इलाके में नाकाबंदी कर फरार बदमाशों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से स्थानीय व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है।

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कैथल। हरियाणा के कैथल जिले के सीवन कस्बे में एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। जिस घर में जनवरी महीने में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब बेटे की मौत से शोक पसरा है। शनिवार शाम नए मकान में काम करते समय बिजली का करंट लगने से 28 वर्षीय गौरव की मौत हो गई।

गौरव अपने नए मकान में पानी डालने यानी तराई करने के लिए गया था। इसी दौरान टुल्लू पंप का पाइप निकल गया। वह पाइप को दोबारा लगाने पहुंचा, तभी नंगे पैर होने के कारण बिजली के करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह पंप के ऊपर ही गिर पड़ा और गंभीर रूप से झुलस गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले नहीं बच सकी जान

हादसे के बाद परिजन गौरव को तुरंत कैथल के जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। गौरव की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

जनवरी में होनी थी शादी

परिजनों के मुताबिक, गौरव असंध स्थित हैफेड शुगर मिल में नेटवर्किंग सुपरवाइजर के पद पर नौकरी करता था। शनिवार को छुट्टी होने के कारण वह घर आया हुआ था। परिवार में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं और जनवरी में शादी होनी तय थी।

गौरव तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह अपने माता-पिता का भी इकलौता बेटा था। परिवार को उसकी शादी का इंतजार था, लेकिन एक हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं। घटना के बाद पूरे सीवन कस्बे में शोक का माहौल है।

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मनोज परिहार, विदिशा। विदिशा शहर के बाल विहार क्षेत्र में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों और स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मुख्य रूप से शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आगामी त्योहारों के सीजन में रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को आ रही दिक्कतों को लेकर प्रशासन और सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं।

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स्ट्रीट वेंडर्स से प्रियंक कानूनगो ने की बात

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मीडिया और वेंडर्स से बातचीत करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि त्योहारी सीजन के दौरान स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी विधिक प्रक्रिया के उनकी जगहों से हटा दिया जाता है और उनका सामान जब्त कर लिया जाता है।

मुख्य सचिव को पत्र लिखने की कही बात

इस गंभीर मसले पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कानून के दायरे में ही कार्रवाई की जाए। नवरात्र से लेकर दीपावली, छठ पूजा और देवप्रबोधिनी एकादशी तक के इस त्योहारी महीने में गरीब वेंडर्स अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं, इसलिए उनकी आजीविका में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।

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75 लाख स्ट्रीट वेंडर्स बने एक परिवार: प्रियंक कानूनगो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना शुरू करके लगभग 75 लाख स्ट्रीट वेंडर्स का एक परिवार बनाया है, जो आगामी दो वर्षों में बढ़कर सवा करोड़ स्ट्रीट वेंडर्स के एक और वृहद परिवार में तब्दील हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इसी परिवार के लोगों से मिलने के लिए वे आज यहां आए हैं। साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर स्ट्रीट वेंडिंग कमेटी के गठन न होने, उचित स्थानों के आवंटन में कमी और लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध न होने जैसे मुद्दों पर भी बात रखी।

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Patna accident: पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात नौबतपुर नहर रोड पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज पटना एम्स में जारी है। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

​मृतक की पहचान और दुर्घटना का विवरण

​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान मोहनीपोखर निवासी 23 वर्षीय साहिल कुमार के रूप में हुई है। वहीं, इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने वाले दूसरे युवक का नाम रणजीत कुमार (24) है, जो पटना एम्स के ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
​प्राप्त विवरण के मुताबिक, साहिल और रणजीत दोनों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर नौबतपुर नहर रोड से गुजर रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक अजयनगर बालापर के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में लेते हुए जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हालत में तड़पने लगे।

​पुलिस और स्थानीय लोगों की कार्रवाई

​घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पास ही तैनात ट्रैफिक पुलिस को इस दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत नौबतपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया।
​अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत पटना एम्स रेफर कर दिया। परिजन और पुलिस दोनों घायलों को लेकर पटना एम्स पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने साहिल कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान साहिल ने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे घायल युवक रणजीत कुमार का इलाज अभी भी एम्स के आईसीयू में लगातार चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

​पुलिस की जांच और अज्ञात वाहन की तलाश जारी

​नौबतपुर थानाध्यक्ष नंदन कुमार सिंह ने घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस दुर्घटना की सूचना तुरंत मृतकों और घायलों के परिजनों को दे दी गई थी। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए मृतक साहिल कुमार के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
​थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि इस दर्दनाक सड़क हादसे को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस वाहन की तलाश में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है और जल्द ही आरोपी वाहन का पता लगाकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।