पलवल: पलवल में भाजपा की तिरंगा यात्रा के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब यात्रा में शामिल कई स्कूली बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। गर्मी और भारी भीड़ के बीच कुछ विद्यार्थियों को उल्टियां होने लगीं, जबकि कई छात्र चक्कर खाकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के वक्त प्रदेश के खेल मंत्री गौरव गौतम भी तिरंगा यात्रा में मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि तिरंगा यात्रा में जिले के कई सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हुए थे। यात्रा की शुरुआत देशभक्ति के जोश और उत्साह के साथ हुई, लेकिन आगे बढ़ने के दौरान भीड़ बढ़ने से हालात बिगड़ने लगे। चश्मदीदों के अनुसार, भीड़ के दबाव और घुटन के बीच कतार में चल रहे कुछ बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई।

कुछ विद्यार्थियों को पहले जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत हुई। इसके बाद कई बच्चे चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े। बच्चों को इस हालत में देखकर उनके साथ चल रहे शिक्षकों और अभिभावकों में हड़कंप मच गया।

शिक्षकों ने संभाला मोर्चा

स्थिति बिगड़ते ही शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को संभाला। बेहोश हो रहे विद्यार्थियों को उठाकर भीड़ से अलग छायादार स्थान पर ले जाया गया। शिक्षकों और साथियों ने पानी पिलाकर तथा चेहरे पर पानी के छींटे मारकर बच्चों को राहत देने का प्रयास किया।

यात्रा में खेल मंत्री गौरव गौतम के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय नेता, प्रशासनिक अधिकारी और आम लोग भी शामिल थे। ऐसे में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना ने यात्रा की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

मेडिकल इंतजामों को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि जब बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों को इतनी गर्मी में यात्रा में शामिल किया गया था, तो उनके लिए पर्याप्त पीने के पानी, मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए थी।

लोगों ने भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि समय रहते शिक्षकों ने बच्चों को संभाल लिया, जिससे स्थिति गंभीर होने से बच गई। यदि बच्चों को तत्काल भीड़ से निकालकर राहत नहीं दी जाती तो मामला बड़ा रूप ले सकता था।

फिलहाल इस घटना ने तिरंगा यात्रा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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