निल मालवीय, इछावर (सीहोर)। ​मध्यप्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के समापन अवसर पर सीहोर जिले में एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। अभियान के समापन कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए शासकीय बैनर-पोस्टरों से प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और सीहोर जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा की तस्वीरें गायब होने पर जमकर हंगामा हुआ। प्रोटोकॉल के इस गंभीर उल्लंघन को लेकर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है।

​मिली जानकारी के अनुसार, जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान के समापन पर इछावर जनपद पंचायत में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, लेकिन जब कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनर-पोस्टरों पर नजर पड़ी, तो वहां से विभागीय मंत्री प्रहलाद पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा की तस्वीरें गायब थीं। शासकीय कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय मंत्रियों के प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है।

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जिला पंचायत अध्यक्ष ने लगाई फटकार

पोस्टर से तस्वीरें गायब होने को जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके समर्थकों ने जनप्रतिनिधियों का घोर अपमान माना। ​इस बड़ी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र मेवाड़ा ने कार्यक्रम स्थल पर ही इछावर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रुषाली पोरस (CEO) को जमकर फटकार लगाई।

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अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी

उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि शासकीय आयोजनों में इस तरह की लापरवाही और प्रोटोकॉल का उल्लंघन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ​इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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