इदरीश मोहम्मद, पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से उस वक्त दहशत फैल गई, जब महुआ बीनते समय एक ढाई साल की मासूम बच्ची अपने माता-पिता की नजरों से ओझल हो गई। परिवार वालों ने बच्ची को काफी ढूंढा, लेकिन पांच घंटे बीत जाने के बाद तक कोई सुराग नहीं लगा। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम सर्चिंग में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, जिले के सुनहरा बीट के ‘टपरियन हार’ इलाके से बुधवार को ढाई साल की मासूम पलक आदिवासी रहस्यमय तरीके से लापता हो गई है। घटना उस वक्त की है जब बच्ची के पिता, अमर आदिवासी अपनी पत्नी के साथ जंगल से सटे खेत में महुआ बीन रहे थे। पलक पास ही बनी झोपड़ी के पास खेल रही थी, तभी वह अचानक गायब हो गई।
ये भी पढ़ें: बीजेपी पार्षद के हत्यारे गिरफ्तार: आरोपियों के पास से हथियार बरामद, गोली मारकर उतारा था मौत के घाट
जंगल के इस हिस्से (कक्ष क्रमांक P-443) में बाघों और तेंदुओं की भारी सक्रियता रहती है। रेंजर अजय बाजपेयी के अनुसार, शुरुआती आशंका किसी हिंसक वन्यजीव के हमले की जताई जा रही है, हालांकि मौके पर अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। PTR और पुलिस विभाग की विशेष डॉग स्क्वॉड टीमें घने जंगलों में सुराग तलाश रही हैं।
ये भी पढ़ें: विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले में शॉर्ट एनकाउंटर पर सियासत: टी राजा ने मुख्य आरोपी को ठोकने की कही बात, कांग्रेस ने उठाए सवाल
टीआई रोहित मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल और वन विभाग का अमला झाड़ियों की खाक छान रहा है। घटना के बाद पूरे गांव के लोग लापता बच्ची की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और सर्चिंग में मदद जुटा रहे हैं। फिलहाल, पूरा इलाका छावनी में तब्दील है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

