राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश के उज्जैन में श्मशान घाट में आधी रात को जलती चिता से मानव मांस खाने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा में आई काली नंद गिरी को लेकर अब उसके पुराने विवाद भी सामने आने लगे हैं। अघोर अखाड़े के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा नाथ संप्रदाय के बालयोगी विष्णुनाथजी खड़ेश्वरी अघोरी बाबा ने काली नंद गिरी को लेकर पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

काली नंद गिरी पूर्व में पुरुष थी

विष्णुनाथजी खड़ेश्वरी अघोरी बाबा ने वायरल वीडियो की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से उज्जैन की धार्मिक और आध्यात्मिक छवि प्रभावित होती है। उन्होंने मांग की कि ऐसे लोगों को उज्जैन में इस प्रकार की गतिविधियां करने से रोकने के लिए प्रभावी प्रबंध किए जाएं। आवेदन के साथ उन्होंने काली नंद गिरी से जुड़े बताए जा रहे कुछ पुराने फोटो और वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं, जिनकी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। विष्णुनाथ महाराज का दावा है कि काली नंद गिरी पूर्व में पुरुष थी और उसकी पहचान अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से थी।

लेडी अघोरी’ के नाम से पहचान

उनका आरोप है कि बाद में जेंडर चेंज कराने के बाद उसने किन्नर के रूप में पहचान बनाई और सोशल मीडिया पर ‘लेडी अघोरी’ के नाम से पहचान बनाई। इसके अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी उसके द्वारा विवाद खड़े किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। इधर, उज्जैन के श्मशान घाट में जलती चिता से मानव मांस खाने का कथित वीडियो सामने आने के बाद शिकायत मिलने पर पुलिस ने काली नंद गिरी के खिलाफ BNS की धारा 301 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।

तथ्यों की जांच की जा रही

न्यायालय ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि, काली नंद गिरी की पहचान, जेंडर चेंज और तेलंगाना-आंध्र प्रदेश से जुड़े पुराने विवादों को लेकर सामने आए दावे फिलहाल शिकायतकर्ताओं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इन दावों की अंतिम पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेजों और न्यायालयीन अभिलेखों से होना बाकी है। पुलिस द्वारा सौंपे गए पुराने फोटो-वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

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