दिल्ली की हजारों झुग्गियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) ने मंगलवार को डूसिब (संशोधन) विधेयक-2026 (DUSIB Amendment Bill) को पारित कर दिया, जिससे राजधानी में वर्ष 2025 तक बनी झुग्गियों के निवासियों के पुनर्वास का रास्ता साफ हो गया है। विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान शहरी विकास मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) ने स्पष्ट किया कि इस संशोधन का लाभ केवल उन्हीं झुग्गी निवासियों को मिलेगा, जिनकी झुग्गियां 1 जनवरी 2025 से पहले बनी हुई हैं। सरकार जल्द ही पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण शुरू करेगी।

सरकार देगी पक्के मकान

मंत्री सूद ने कहा कि पात्र झुग्गीवासियों को दिल्ली सरकार पक्के मकान उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल झुग्गियों को हटाना नहीं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। इसके लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के साथ मिलकर पुनर्वास योजनाओं को लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही झुग्गी बस्तियों का सर्वे कराएगी, जिसके आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद पुनर्वास प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

बस्तियों के पास ही मिलेगा आवास

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश होगी कि झुग्गीवासियों को उनकी मौजूदा बस्तियों के आसपास ही आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके रोजगार, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने कहा कि डूसिब के सहयोग से पुनर्वास की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा।

आसान नहीं होगी लागू करने की राह

विधेयक के पारित होने के बावजूद इसे लागू करना दिल्ली सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। राजधानी में झुग्गियों का आखिरी व्यापक सर्वे वर्ष 2014-15 में किया गया था। उस समय दिल्ली में लगभग 3.5 लाख झुग्गियों की पहचान हुई थी। इसके बाद झुग्गियों की संख्या और उनमें रहने वाले लोगों का कोई आधिकारिक अद्यतन आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि सबसे पहले व्यापक सर्वे कराया जाएगा, जिसके माध्यम से झुग्गी बस्तियों और पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही पुनर्वास की विस्तृत योजना तैयार होगी और आवास आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि 1 जनवरी 2025 से पहले बनी झुग्गियों के निवासियों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि पात्र परिवारों को उनकी मौजूदा बस्तियों के आसपास ही पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके रोजगार और सामाजिक जीवन पर असर न पड़े।

AAP सरकार पर सीएम का हमला

विधानसभा में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार “आप सरकार के दौरान लगे दीमक को साफ करने” का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपने अब तक के लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में 19 सीएजी रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत की हैं, जबकि पिछली सरकार के दौरान सीएजी रिपोर्टों को सदन में नहीं रखा जाता था और लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठकें भी नियमित रूप से नहीं होती थीं।

रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि CAG रिपोर्टों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली सब्सिडी, दिल्ली जल बोर्ड समेत कई विभागों की योजनाओं में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार अपने बजट का पूरा उपयोग भी नहीं कर पाती थी और केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता राशि भी वापस चली जाती थी। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि यमुना की सफाई, सड़कों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूर्ववर्ती सरकार प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

दिल्ली विधानसभा परिसर में निकली तिरंगा यात्रा

स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने के उद्देश्य से मंगलवार को दिल्ली विधानसभा परिसर में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्रियों और विभिन्न दलों के विधायकों ने भाग लिया। तिरंगा यात्रा की शुरुआत विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से हुई और इसका समापन डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर हुआ। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ मार्च किया।

तिरंगा लोकतंत्र की जीवंत धड़कन : विजेंद्र गुप्ता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि तिरंगा केवल भारत का राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, बल्कि यह देश के लोकतंत्र की जीवंत धड़कन है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है तथा प्रत्येक नागरिक को इसके सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

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