पटना। शहर के जेपी गंगा पथ का कायाकल्प एक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से हो रहा है। वेस्ट-टू-वंडर (कबाड़ से कला) की थीम पर आधारित यहा की नई कलाकृतियां पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनती जा रही हैं।
बाइक और साइकिल की चेन से बना मिनी गोलघर
गंगा पथ पर हाल ही में बिहार की ऐतिहासिक धरोहर गोलघर की तर्ज पर एक मिनी गोलघर स्थापित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कबाड़ हो चुकी बाइक और साइकिल की पुरानी चेन से तैयार किया गया है। यह अद्भुत कलाकृति 50 इंच चौड़ी और 63 इंच लंबी है। इसे जेपी गंगा पथ पर उस स्थान पर लगाया गया है जहां से सामने की ओर असली गोलघर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।
हिरण के बाद अब डॉल्फिन का इंतजार
कलात्मक प्रयोगों के तहत यहां स्टील के हजारों चमचों से बनी एक हिरण की विशाल आकृति भी पहले से मौजूद है जो शाम ढलते ही पर्यटकों के बीच सेल्फी पॉइंट बन जाती है। अब इस सौंदर्यीकरण को और आगे बढ़ाते हुए प्रशासन यहां जल्द ही डॉल्फिन की आकृति भी स्थापित करने जा रहा है। इसे गोलघर और हिरण की मूर्तियों के बीच में लगाया जाएगा जो जैव विविधता और कला का एक अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।
जुहू चौपाटी की तर्ज पर 550 मीटर का वॉक-वे
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा इस पूरे इलाके को गार्डन एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां मुंबई की प्रसिद्ध जुहू चौपाटी की तर्ज पर 550 मीटर लंबा एक आकर्षक जिग-जैग वॉक-वे बनाया गया है। गंगा की लहरों के किनारे टहलने के लिए यह स्थान अब शहरवासियों की पहली पसंद बन गया है।
पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं
पर्यटकों की सुविधा के लिए इस पूरे मार्ग को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है। साथ ही व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था और व्यवस्थित दुकानें भी बनाई जा रही हैं ताकि लोग गंगा के शांत नजारे के साथ अपने शाम के समय का भरपूर लुत्फ उठा सकें। यह प्रयास पटना को एक आधुनिक और सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान दिला रहा है।

