पटना के पीरबहोर इलाके स्थित ऐनी बेसेंट रोड पर बने खान सर के अस्पताल (Khan Health) पर अग्निशमन विभाग की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। तय मानकों को पूरा न करने और फायर एनओसी (No Objection Certificate) न होने के कारण अब विभाग इस अस्पताल को H1 नोटिस जारी करने की पूरी तैयारी कर चुका है। यह नोटिस आमतौर पर किसी भी कमर्शियल बिल्डिंग को सील करने से पहले अंतिम स्पष्टीकरण के रूप में दिया जाता है।
तीन महीने पहले हुआ था फायर ऑडिट
बीते 25 मई को निवर्तमान अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार द्वारा ‘खान हेल्थ’ (खान फाउंडेशन की एक यूनिट) की बिल्डिंग का फायर ऑडिट किया गया था। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अस्पताल की यह बिल्डिंग अभी भी निर्माणाधीन श्रेणी में आती है।
बिल्डिंग बायलॉज के स्पष्ट नियम हैं कि वर्ष 2021 के बाद निर्मित किसी भी संस्थान या व्यावसायिक बिल्डिंग में बिना फायर एनओसी के संचालन शुरू नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल का संचालन पहले ही शुरू कर दिया गया। जब मामले की जांच हुई, तो कमियों को दूर करने के लिए विभाग ने एक के बाद एक नोटिस भेजने शुरू किए।
पहले दिए जा चुके हैं E-1 और G-1 नोटिस
अस्पताल प्रबंधन को नियमों का पालन करने के लिए इससे पहले E-1 और G-1 श्रेणी के दो नोटिस थमाए जा चुके हैं। बावजूद इसके, तय मानकों को अब तक पूरा नहीं किया गया है और बिना फायर एनओसी के ही अस्पताल बदस्तूर संचालित हो रहा है।
केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि खान सर से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों जैसे खान ग्लोबल स्टडीज (मुसल्लहपुर और बोरिंग रोड चौराहा) को भी अब तक फायर विभाग से एनओसी नहीं मिल पाई है। हालांकि, मुसल्लहपुर स्थित संस्थान की ओर से सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने का दावा जरूर किया गया है।
इसके अलावा, बोरिंग रोड क्षेत्र के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए खान ग्लोबल स्टडीज द्वारा सामूहिक रूप से एनओसी का आवेदन किया गया था, जिसे अग्निशमन विभाग ने तकनीकी कारणों से वापस लौटा दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक बिल्डिंग के लिए अलग-अलग आवेदन और अलग से जांच प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अन्य संस्थानों पर भी गिरेगी गाज
फायर सेफ्टी के नियमों की अनदेखी करने का मामला केवल खान सर के संस्थानों तक ही सीमित नहीं है। मुसल्लहपुर क्षेत्र में स्थित ज्ञान बिंदु जीएस अकेडमी में भी अग्नि सुरक्षा के मानकों की भारी अनदेखी पाई गई है। इस संस्थान के व्यवस्थापक को होज रील, डाउन कमर सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम और छत पर 10,000 लीटर की पानी की टंकी स्थापित करने के लिए कड़े नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग की दो टूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अग्निशमन विभाग के डीआईजी मनोज कुमार नट ने इस पूरे मामले पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीआईजी ने बताया कि जिन संस्थानों को पहले ही E-1 और G-1 नोटिस दिए जा चुके हैं और जो अब भी सुधार नहीं कर रहे हैं, उन्हें अब H-1 नोटिस देकर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, राहत की बात यह है कि विभाग की सख्ती के बाद अधिकांश अन्य संस्थानों ने सुरक्षा मानकों का अनुपालन करना शुरू कर दिया है।


