विनोद सैनी, हिसार। हरियाणा लोक सेवा आयोग की पीजीटी शिक्षक भर्ती Haryana Public Service Commission PGT Teacher Recruitment) के परेशान युवा अभ्यर्थियों का मुद्दा अब पूरी तरह गरमा गया है। पंचकूला के सेक्टर पांच में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे इन चयनित और प्रभावित युवाओं के समर्थन में अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी खुलकर सामने आ गया है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लीगल डिपार्टमेंट Legal Department of the Haryana Pradesh Congress Committee) यानी कानूनी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल Advocate Lal Bahadur Khowal, State President of the Legal Department) अपनी पूरी टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने युवाओं की सभी मांगों को बिल्कुल जायज बताते हुए सरकार को घेरा। इस समय धरना स्थल पर तीस से ज्यादा अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।

एक ही भर्ती में दो तरह के नियम क्यों

धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (Haryana Public Service Commission) के तौर-तरीकों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि इन युवाओं ने परीक्षा और भर्ती के हर चरण में सरकारी नियमों का पूरा पालन किया है। उन्होंने एक तकनीकी पेंच को समझाते हुए कहा कि जब इससे पहले हुई सरकारी भर्तियों में इंटरव्यू यानी साक्षात्कार से ठीक पहले जमा कराए गए बीसीए और बीसीबी प्रमाण पत्र (BCB Certificate) यानी पिछड़े वर्ग के जाति सर्टिफिकेट को मान्य माना गया था, तो इस भर्ती में नया नियम क्यों थोपा जा रहा है। एक जैसे मामलों में अलग-अलग पैमाना अपनाना पूरी तरह गलत और नाइंसाफी है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार युवाओं के इस शांतिपूर्ण आंदोलन से डरकर उनकी आवाज को दबाना चाहती है।

कड़ाके की धूप में चार अभ्यर्थी आमरण अनशन पर

मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अपनी मांगों को मनवाने के लिए चार अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से बिना अन्न-जल के आमरण अनशन पर बैठे हैं। अनशन करने वालों में पल्लवी जांगड़ा, सुमन प्रजापति, रमनदीप कंबोज और सुरेंद्र कुमार (Pallavi Jangra, Suman Prajapati, Ramandeep Kamboj, and Surendra Kumar)शामिल हैं। लगातार भूखे रहने के कारण पल्लवी, सुमन और रमनदीप की तबीयत लगातार खराब हो रही है और डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। इसके बावजूद इन युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी बात मंत्रियों और बड़े अधिकारियों तक पहुंचाकर थक चुके हैं, इसलिए अब जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी अनशनकारी को कुछ हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

जाति प्रमाण पत्र की जांच और भर्ती के कड़े नियमों को बदलने की उठी मांग

आंदोलन कर रहे युवाओं और कांग्रेस के कानूनी विभाग ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के जाति प्रमाण पत्रों की जांच प्रक्रिया को तुरंत पूरा करके उन्हें नौकरी दी जाए और इस वजह से बाहर किए गए योग्य युवाओं को वापस शामिल किया जाए। दूसरी मांग है कि भर्ती में लागू पैंतीस फीसदी की कड़ी शर्त को खत्म करके इंटरव्यू के लिए पदों के मुकाबले दोगुना उम्मीदवारों को बुलाया जाए। तीसरी मांग में कहा गया है कि सामान्य श्रेणी यानी जनरल कैटेगरी की नब्बे प्रतिशत सीटें हरियाणा के मूल निवासी युवाओं के लिए सुरक्षित की जाएं। चौथी और सबसे बड़ी मांग यही है कि बिना किसी बहाने और देरी के चयनित उम्मीदवारों को तुरंत जॉइनिंग यानी नियुक्ति पत्र सौंपे जाएं।

आंदोलन के बीच पुलिस का सख्त एक्शन, धरना स्थल तुरंत खाली करने का थमाया आधिकारिक नोटिस

एक तरफ जहां युवाओं का गुस्सा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ पंचकूला पुलिस (Panchkula Police) ने आंदोलनकारियों पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। सेक्टर पांच थाने की पुलिस ने धरना दे रहे मुख्य युवाओं विकास सिंह, जसमिंदर, प्रमोद और जसमेर को एक कड़ा नोटिस थमा दिया है। पुलिस के इस आदेश में साफ लिखा है कि सेक्टर पांच के मैदान में प्रदर्शन करने की दी गई समय सीमा अब खत्म हो चुकी है। इसके अलावा युवाओं द्वारा पिछले दिनों निकाली गई सड़क रैली को भी नियमों का उल्लंघन माना गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस धरने से शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है, इसलिए युवा तुरंत अपना टेंट, मंच और बैरिकेडिंग हटाकर जगह खाली कर दें, ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सांसद कुमारी सैलजा के दरबार में पहुंचा मुद्दा

कांग्रेस के लीगल सेल (Congress Legal Cell) ने इस पूरे विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर ली है। एडवोकेट खोवाल ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर सिरसा की सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा से विस्तार से बातचीत की है। कुमारी सैलजा (Kumari Selja) ने युवाओं के साथ हो रहे इस बर्ताव पर गहरी चिंता जताई है और भरोसा दिया है कि वे इस आवाज को हर बड़े मंच पर उठाएंगी। कांग्रेस के वकीलों की टीम ने पीड़ित युवाओं को ढांढस बंधाते हुए कहा है कि वे अदालत से लेकर सड़क तक इस पूरी लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्हें उनका हक दिलाकर ही दम लेंगे।