Prabal Pratap Singh Arrested: सुप्रीम कोर्ट (supreme court) में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत (CJI Surya Kant) को गोली देने और जजों पर पेपर उछालने वाले वकील प्रबल प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रबल प्रताप सिंह और उसके साथी चंद्रभान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है।
दरअसल मामला 10 जुलाई 2026 का है। सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम नंबर-13 में जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान जजों के आदेश को मानने से इनकार करते हुए सुनवाई के दौरान अदालत की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया था। वह अपना मामला स्वयं लड़ रहे थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और बेंच के सामने कागज फेंक दिए थे। इससे अदालत की कार्यवाही प्रभावित हुई थी।
प्रबल प्रताप इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे था। उसकी मांग लखनऊ के एक मामले में एफआईआर दर्ज कराने से जुड़ी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी थी।सुप्रीम कोर्ट में मले की सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप सिंह याचिकाकर्ता के रूप में पेश हुआ था। उसने सुनवाई के दौरान अभद्र और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। कोटरूम के भीतर कागज फेंके और कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डाली. जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रबल प्रताप सिंह और उसके साथी चंद्रभान को कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट परिसर में मौजूद सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में रखा गया था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों आरोपियों का आईएचबीएएस (IHBAS) में मेडिकल टेस्ट कराया गया। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से आपत्तिजनक शब्दों वाले पर्चे (पैम्फलेट) भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों से पूछताछ जारी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था एफआईआर
घटना के संबंध में दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में प्रबल प्रता सिंह और उसके साथी चंद्रभान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 221, 224 और 3(5) समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
दोनों आरोपी एलएलबी के छात्र
पुलिस के मुताबिक, 24 वर्षीय प्रबल प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला है और लखनऊ यूनिवर्सिटी में एलएलबी थर्ड ईयर का छात्र है। वहीं, 23 वर्षीय चंद्रभान, रायबरेली जिले के पूरे सिंहारे गांव का निवासी है और लखनऊ यूनिवर्सिटी में एलएलबी सेकेंड ईयर का छात्र है. प्रबल प्रताप सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को आदेश देने की कोशिश की थी।
पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

