प्रयागराज मंडल के चार जिलों में नाप-तौल और पैकिंग मानकों की जांच के दौरान 498 प्रतिष्ठानों में खामियां मिलीं। चार महीने में 383 व्यापारियों से 19.63 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
प्रयागराज। प्रयागराज मंडल के चार जिलों में नाप-तौल और व्यापारिक मानकों की जांच के दौरान सबसे अधिक गड़बड़ियां प्रयागराज में सामने आई हैं। इसके बाद फतेहपुर दूसरे, प्रतापगढ़ तीसरे और कौशांबी चौथे स्थान पर रहा है।
विधिक माप विज्ञान विभाग ने अप्रैल से जुलाई के बीच चारों जिलों में अभियान चलाकर 498 व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान 383 व्यापारियों से जुर्माने के रूप में कुल 19.63 लाख रुपये का राजस्व वसूला गया है।
इन मानकों की जांच
विभाग व्यापारिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले तराजू और अन्य नाप-तौल उपकरणों की जांच करता है। इसके साथ खुले में बेचे जाने वाले उत्पादों की तौल और पैकिंग वाले सामान पर एमआरपी समेत जरूरी विवरण दर्ज होने के मानकों की भी पड़ताल की जाती है।
नियमों में खामी मिलने पर संबंधित व्यापारी या उद्यमी के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। सहायक नियंत्रक अरविंद कुमार यादव के मुताबिक, अप्रैल से जुलाई तक चारों जिलों में अलग-अलग समय पर जांच अभियान चलाया गया।
मिठाई में घटतौली
जांच के दौरान मिठाई की तौल में घटतौली के मामले सबसे ज्यादा सामने आए। इसके अलावा बेकरी, अनाज और किराना दुकानों में भी कई तरह की कमियां मिलीं।
कुछ स्थानों पर एलपीजी सिलिंडरों में निर्धारित मात्रा से कम गैस भी पाई गई। विभाग ने इन मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की है।
प्रयागराज में सबसे ज्यादा
आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 178 व्यापारियों से 11.70 लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया गया। फतेहपुर में 76 व्यापारियों से 4.08 लाख, प्रतापगढ़ में 73 व्यापारियों से 2.30 लाख और कौशांबी में 56 व्यापारियों से 1.65 लाख रुपये वसूले गए।
विभाग के अनुसार अभी 115 मामले ऐसे हैं, जिनमें कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। सहायक नियंत्रक ने बताया कि सभी जिलों में तैनात वरिष्ठ निरीक्षकों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


