राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ा कदम उठाया है। निगम राजधानी में अब तक के सबसे बड़े पार्किंग विस्तार प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसके तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 49 नई सरफेस पार्किंग और 9 मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। MCD के अनुसार, यह विस्तार दिल्ली के सबसे व्यस्त कमर्शियल और रिहायशी इलाकों में किया जाएगा, जिनमें करोल बाग, रोहिणी, नजफगढ़, पीतमपुरा और सिटी-एसपी जोन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
किस इलाके में कितनी पार्किंग की योजना
इन प्रस्तावों में करोल बाग में 5, सिटी SP जोन में 8, रोहिणी में 3 और नजफगढ़ में 10 पार्किंग स्थल शामिल हैं। इसके अलावा सिविल लाइंस, शाहदरा (उत्तर और दक्षिण), पश्चिम, केशव पुरम और मध्य जोन में भी कई स्थानों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने की योजना है। MCD अधिकारियों ने बताया कि कुछ स्थानों की पहचान पहले ही कर ली गई है, जबकि कई क्षेत्रों में अभी निरीक्षण और फिजिबिलिटी स्टडी जारी है। इन जगहों पर सड़क किनारे खाली जमीन, खाली प्लॉट और बाजारों के पास उपलब्ध स्थानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत कई स्थानों पर जमीन की पहचान का काम शुरू हो चुका है। प्रस्ताव पहले से ही संबंधित विभागीय प्रक्रियाओं में हैं और विभिन्न जमीन मालिक एजेंसियों से आवश्यक मंजूरी लेने की प्रक्रिया जारी है। यह एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अनुमान है कि इसे पूरी तरह से तैयार होने में करीब 2-3 साल का समय लग सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत कुल 25 स्थानों का चयन किया जा रहा है, जिनमें से 9 प्रस्ताव वर्तमान में एडवांस स्टेज पर पहुंच चुके हैं। इस पूरे प्लान का सबसे अहम हिस्सा ईदगाह मेट्रो स्टेशन के पास प्रस्तावित एक विशाल मल्टीलेवल पार्किंग सुविधा है। यह इलाका सदर-पहाड़गंज कमर्शियल बेल्ट के पास स्थित है, जहां थोक बाजारों की वजह से भारी ट्रैफिक, सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग और रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। ईदगाह मेट्रो स्टेशन के पास प्रस्तावित यह रैंप-टाइप पार्किंग लगभग 23,000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसमें करीब 2,100 कारों की पार्किंग क्षमता होगी, जिससे आसपास के सदर पहाड़गंज जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 346 करोड़ रुपये बताई जा रही है, शुरुआत में इसे मुख्यमंत्री विकास कोष के तहत विकसित करने की योजना थी, लेकिन अब इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, ताकि परियोजना को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, केशव पुरम जोन के अंतर्गत पीतमपुरा के L.U. ब्लॉक में 80 करोड़ रुपये की लागत से एक पजल-टाइप ऑटोमेटेड पार्किंग प्रस्तावित है। यह परियोजना फिलहाल भूमि उपयोग की मंजूरी का इंतजार कर रही है, क्योंकि संबंधित प्लॉट दिल्ली शिक्षा विभाग के स्वामित्व में है। इसी तरह शालीमार बाग के U.V. ब्लॉक में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से एक और पजल टाइप मल्टीलेवल पार्किंग सिस्टम प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा शाहदरा नॉर्थ के बाबरपुर क्षेत्र में करीब 31 करोड़ रुपये की लागत से G+4 मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
शाहदरा साउथ जोन के तहत प्रीत विहार मार्केट स्थित कम्युनिटी सेंटर में करीब 380 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ी मल्टी-लेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा करोल बाग, मादीपुर और रानी बाग जैसे व्यस्त इलाकों में भी इसी तरह की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है क्योंकि यहां पार्किंग की कमी के चलते अक्सर ट्रैफिक जाम, सड़क किनारे अतिक्रमण और पीक आवर्स में भारी भीड़ की स्थिति बनी रहती है। MCD के अनुसार, फिलहाल दिल्ली में 30 मल्टीलेवल पार्किंग सुविधाएं संचालित हैं, जबकि निगम 419 सरफेस पार्किंग स्थलों का संचालन कर रहा है।
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