राजधानी दिल्ली के द्वारका क्षेत्र को अब घरेलू और विदेशी निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। योजना के तहत यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस स्थापित करने पर काम किया जा रहा है। इस दिशा में  DDA ने प्रारंभिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रोजेक्ट का उद्देश्य द्वारका को एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र (Urban Economic Hub) के रूप में विकसित करना बताया जा रहा है, जिससे रोजगार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिल सके। इस पहल को लेकर उपराज्यपाल टीएस संधु ने संबंधित विभागों को तेजी से काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉमर्शियल स्पेस विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

LG ने DDA को जल्द योजना तैयार करने के दिए निर्देश

द्वारका के साथ-साथ रोहिणी और नरेला को भी बड़े फाइनैंशल और कमर्शियल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है। इसको लेकर हाल ही में DDA के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उपराज्यपाल ने तीनों इलाकों के समग्र विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की और योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क, विस्तारित मेट्रो कनेक्टिविटी, नए एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ये इलाके भविष्य में प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकते हैं। विशेष रूप से द्वारका में विकसित हो रहा यशोभूमि और प्रस्तावित डिप्लोमैटिक हब इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण बनाने में मदद करेगा।

सूत्रों के अनुसार, उपराज्यपाल पिछले कुछ समय से इन क्षेत्रों को आर्थिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने द्वारका सब-सिटी का दौरा कर कई चल रहे और प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स की समीक्षा भी की। इस निरीक्षण के बाद DDA को निर्देश दिए गए हैं कि इन क्षेत्रों में आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस स्थापित करने की संभावनाओं का विस्तार से अध्ययन किया जाए। अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में पहले से ही बुनियादी ढांचे के विकास जैसे सड़क नेटवर्क, मेट्रो कनेक्टिविटी, आवासीय योजनाएं और एजुकेशन सेंटर पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे यह क्षेत्र आने वाले समय में बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।

डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की भी योजना

अधिकारियों के मुताबिक, Urban Extension Road (UER) के शुरू होने, विस्तृत मेट्रो नेटवर्क, TOD पॉलिसी, नए एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी प्रोजेक्ट्स के चलते ये इलाके तेजी से विकसित हो रहे हैं।  नई सड़क परियोजनाओं और IGI से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर यूनिट्स और वेयरहाउस जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए संभावनाएं बढ़ रही हैं। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि इस प्रस्तावित विकास मॉडल से दिल्ली में निवेश को नई गति मिलेगी, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा राजधानी के शहरी विकास को अधिक संतुलित और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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