गुरदासपुर। पंजाब कांग्रेस में अंतरकलह के बीच में एक तस्वीर चर्चा का विषय बनी है। यह तस्वीर किसी और की नहीं बल्कि गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की है। इस फोटो की सोशल मीडिया में बड़ी चर्चा है। फोटो को शेयर करते हुए रंधावा ने लिखा है कि यूनिटी इज स्ट्रेंथ यानि एकता में ही शक्ति है। इसके बाद चन्नी ने भी इस फोटो को शेयर किया है। फोटो और उसके साथ लिखे कैशन से यह समझ आ गया है कि कांग्रेस में दो गुट बनते नजर आ रह हैं।

फोटो में नहीं हैं राजा वड़िंग

रंधावा ने अपने सोशल मीडिया पर जो फोटो शेयर की है, उसमें विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, विधायक तृप्त राजिदंर सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू और पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस फोटो में कहीं भी पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग नहीं दे रहे हैं।

इसके बाद यह भी चर्चा हो रही है कि पंजाब कांग्रेस में संगठनातम बदलाव के बाद दो गुट बन गए हैं।वड़िंग को प्रधान बनाने पर पार्टी नेता नाराजआपको बता दें कि कांग्रेस ने राजा वड़िंग को पंजाब का कांग्रेस का पार्टी बनाया था, जिसके बाद से ही चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता हाईकमान के इस फैसले से नाराज़ हो गए, उम्मीद की जा रही थी कि हाईकमान चन्नी को प्रदेश का पार्टी प्रधान बना सकता था पर आखिरी समय में पार्टी ने राजा वड़िंग को पार्टी प्रधान बना दिया, जिसके बाद इस निर्णय से एक बड़ा गुट नाराज हो गया।

नाराज चन्नी ने बुलाई थी मीटिंग

आपको बता दे कि पार्टी हाईकमान के इस फैसले से चरणजीत सिंह चन्नी नाराज़ हो गए। जिसके बाद उन्होंने मोरिंडा में अपने घर में एक मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में तृप्त बाजवा समेत कई आला नेता पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि पार्टी हाईकमान को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। क्योंकि राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार बुरा प्रदर्शन कर रही है।