चंडीगढ़। पंजाब में होने जा रही NEET की दोबारा परीक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने पुख्ता प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए सख्त एसओपी जारी की गई है। इसके साथ ही छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन व्यवस्था को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

रेलवे चलाएगा स्पेशल ट्रेन, बसों में मुफ्त सफर
राज्य में इस परीक्षा के लिए करीब 25,000 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बठिंडा से चंडीगढ़ के बीच एक NEET स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इसके अलावा रूट पर चलने वाली कुछ अन्य नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच (डब्बे) भी जोड़े जाएंगे। रेलवे ने इसका औपचारिक शेड्यूल भी जारी कर दिया है। पंजाब सरकार ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब रोडवेज और पनबस जैसी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। खास बात यह है कि छात्र के साथ उनके एक अभिभावक (माता या पिता) भी मुफ्त सफर कर सकेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पुलिस और केंद्रीय बलों को कमान

पेपर लीक या किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए हैं। नीट परीक्षा सामग्री को कस्टोडियन बैंक से परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी गई है। केंद्र और राज्य सरकारों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और गोपनीयता के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तैयारियों की समीक्षा

पंजाब सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त हिदायत जारी की है कि वे सभी विभागों के साथ बैठक कर तैयारियों की अंतिम समीक्षा करें। परीक्षा के दौरान केंद्र सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा ताकि छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के परीक्षा दे सकें।

5 बड़े बिंदुओं में समझें प्रशासनिक तैयारी

नीट री-एग्जाम के लिए राज्य भर के 16 जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पिछली बार जितने ही केंद्र बनाए गए हैं। पंजाब के कुछ जिलों में भौगोलिक या अन्य कारणों से परीक्षा केंद्र स्थापित नहीं किए गए हैं। ऐसे जिलों के छात्रों को उनकी पसंद (चॉइस) के नजदीकी परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।

प्रत्येक जिले में पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे डीसी करेंगे ताकि विभागों के बीच बेहतर तालमेल रहे। परिवहन और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि जाम या किसी अन्य वजह से कोई भी छात्र केंद्र पर लेट न हो। केंद्रों पर थर्मल स्कैनिंग, चेकिंग और एंट्री को इस तरह प्लान किया गया है जिससे छात्रों को बेवजह की परेशानी न हो और माहौल शांत बना रहे।