संजय कुमार, जींद: हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा ने कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा जुबानी हमला बोला है। अपने निवास स्थान पर आयोजित जनता दरबार के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जो राहुल गांधी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को “गद्दार” कहते हैं, उन्हें पहले अपने घर के कागज देखने चाहिए, तब उन्हें असली सच्चाई समझ आएगी।

डॉ. कृष्ण मिड्डा ने इतिहास का हवाला देते हुए दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने भी एक समय देश की जनता से सोना न खरीदने की अपील की थी। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि वे अपनी ही पार्टी के इतिहास पर नजर डालें और इंदिरा गांधी की तस्वीर के सामने खड़े होकर पूछें कि आखिर ऐसा बयान क्यों दिया गया था। डिप्टी स्पीकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता की तारीफ करते हुए कहा कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है।

बंगाल और अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख


पश्चिम बंगाल और अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. कृष्ण मिड्डा ने बेहद सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा: देश में कहीं भी आतंकी घटनाएं होती हैं, तो ऐसे (अवैध) लोगों को संरक्षण देने वालों की भूमिका सामने आती है। भारत में सिर्फ वही लोग रहेंगे जिनका जन्म यहाँ हुआ है और जिनके पास वैध भारतीय दस्तावेज हैं।”

उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों के पास वैध भारतीय कागजात नहीं हैं, वे या तो खुद देश छोड़ दें, अन्यथा सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में वर्षों से बंद पड़े माता रानी के मंदिर को दोबारा खोले जाने को सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था की बड़ी जीत बताया।

कांग्रेस की सद्भावना यात्रा पर कसा तंज


कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर निशाना साधते हुए डिप्टी स्पीकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के भीतर खुद ही विपक्ष जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कटाक्ष किया कि पार्टी के कई बड़े नेता ही इस ‘सद्भावना यात्रा’ को कांग्रेस की आधिकारिक यात्रा स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

जनता दरबार में सुनीं जनसमस्याएं


इससे पहले डॉ. कृष्ण मिड्डा ने अपने निवास स्थान पर जनता दरबार लगाया, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। डिप्टी स्पीकर ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए और कई मामलों का मौके पर ही निपटारा करवाया।