शिवम मिश्रा, रायपुर। राजधानी रायपुर में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक कारोबारी को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 25 हजार रुपये की उगाही करने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने दो युवतियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में ब्लैकमेलिंग के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

कारोबारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
सिविल लाइन थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, शंकर नगर निवासी कारोबारी जयंत चौधरी की मुलाकात मई 2026 में गुढ़ियारी क्षेत्र में नित्या सिंह और पायल उर्फ आंचल तिवारी से हुई थी। शिकायत में बताया गया कि दोनों युवतियों ने शुरुआत में नौकरी दिलाने और पार्लर खोलने के नाम पर आर्थिक मदद मांगी। इसके बाद वे लगातार फोन और मैसेज के जरिए संपर्क में रहीं तथा अलग-अलग स्थानों पर मिलने का दबाव बनाती रहीं।
सिगरेट पिलाने के बाद बनाई फोटो-वीडियो, फिर शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 14 जून को मुलाकात के दौरान दोनों युवतियों ने उसे और उसके एक साथी को सिगरेट ऑफर की। सिगरेट पीने के कुछ देर बाद दोनों को चक्कर आने लगे। इसी दौरान कथित तौर पर उनकी फोटो और वीडियो बना लिए गए।
शिकायत के मुताबिक, अगले दिन युवतियों ने फोन कर आरोप लगाया कि उनके साथ गलत हरकत हुई है। इसके बाद मामला दबाने के नाम पर पैसों की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि रकम नहीं दी गई तो उनके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज कराया जाएगा और परिवार व कार्यालय में बदनाम कर दिया जाएगा।
डर के कारण दिए 25 हजार रुपये, फिर भी जारी रही पैसों की मांग
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने 25 जून को अपने एक मित्र के साथ तरुण नगर हाट बाजार के पास दोनों युवतियों को 25 हजार रुपये नकद दिए। शिकायत में कहा गया है कि रकम मिलने के बाद भी दोनों ने और पैसों की मांग बंद नहीं की।
आरोप है कि 1 जुलाई को दोनों युवतियों ने कारोबारी की कार में रखे नकदी से भरे बैग पर हाथ साफ करने की कोशिश की। वहीं 10 जुलाई को वे उसके कार्यालय पहुंच गईं और कर्मचारियों के सामने गाली-गलौज करते हुए दोबारा पैसे नहीं देने पर झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस जांच में आरोप सही पाए गए, दोनों युवतियां गिरफ्तार
सिविल लाइन थाना प्रभारी यामन देवांगन ने बताया कि पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर अपराध दर्ज कर मामले की विस्तृत विवेचना की गई। जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल, चैट, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की गई।
उन्होंने बताया कि जांच में दोनों युवतियों आंचल तिवारी और नित्या सिंह के खिलाफ लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यदि विवेचना के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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